अल्मोड़ा। प्रसिद्ध कुमाऊंनी बैठकी होली की रौनक और संगीतविद् अल्मोड़ा मकेड़ी निवासी धीरेंद्र प्रसाद (धीरू उस्ताद) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 58 वर्ष के थे। वह पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके उपचार के लिए अनेक संगीत प्रेमी मदद में जुटे थे लेकिन विगत सोमवार को उन्होंने हल्द्धानी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांसें लीं। उनके निधन से पूरे संगीत प्रमियों में शोक की लहर है।
धीरेंद्र प्रसाद उर्फ धीरू भाई ने अपना पूरा जीवन संगीत को समर्पित किया था। कुमाऊं की लोक संस्कृति की शास्त्रीय गायन होली की बैठकें हो या फिर रामलीला, उसमें उनका विशेष योगदान रहा है। पिछले कुछ समय से वह फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य अत्यधिक बिगड़ने के कारण उन्हें हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
धीरू भाई का अंतिम संस्कार मंगलवार को विश्वनाथ घाट में कर दिया गया। उनको मुखाग्नि उनके भतीजे प्रतीक ने दी। उनके निधन पर अनेक रंगकर्मियों संगीत प्रेमियों ने गहरा शोक जताया है। वह अपने पीछे पत्नी और एक बिटिया छोड़ गए हैं। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में त्रिपुरा सुंदरी नव युवक कला केंद्र और अल्मोड़ा होली संगीत प्रेमी ग्रुप के अनिल सनवाल, दीप जोशी, सारांश मंगोली, चंद्र शेखर पांडे, रघु पंत, अशोक पांडे, जगत जोशी, एलके पंत, अरशद, शशि मोहन पांडे, राजेंद्र नयाल, ललित प्रसाद आदि शामिल रहे।