वीरांगनाओं को सम्मानित करते विधानसभा उपाध्यक्ष चौहान।
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विजय दिवस की 47वीं वर्षगांठ के मौके पर छावनी क्षेत्र स्थित शहीद स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके अदम्य साहस और वीरता को याद किया गया। मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि 1971 में आज ही के दिन भारत के वीर जांबाजों ने पाकिस्तानी फौज को पराजित किया था। जिसके बाद पूरे देश में 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाए जाने का संकल्प लिया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे सेना, पूर्व सैनिक, प्रशासन, पुलिस के अधिकारियों ने भी शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 13 सिख रेजिमेंट के जवानों ने शहीदों को बिगुल ध्वनी के साथ सलामी भी दी। इस अवसर पर वीरांगनाओं और युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले जांबाज पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अल्मोड़ा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे सभी लोगों ने भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस को सलाम किया और कहा कि इस युद्ध से एक नए देश का उदय हुआ, जिसको आज बांग्लादेश के नाम पर जाना जाता है। मुख्य अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने 1971 के भारत-पाक युद्ध शहीदों के बलिदान पर प्रकाश डालते हुए युद्ध में शहीद सैनिकों, वीरांगनाओं और युद्ध में भाग लेने वाले पूर्व सैनिकों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस मौके पर सहायक अधिकारी जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास सूबेदार भगवत सिंह, 13 सिख रेजिमेंट के कर्नल हर्ष मिश्रा, लेफ्टिनेंट कर्नल सन्नी राठी, कैप्टन अंकुर कादियान, सेवानिवृत्त आरनेरी कैप्टर दीपक टम्टा, एसडीएम विवेक रॉय ने भी शहीदों को पुष्पचक्र और नगर के गणमान्य लोगों, सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों, एनसीसी कैडेट ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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