आखिरकार जिले के 45 गांवों को राजस्व क्षेत्रों से हटाकर रेगुलर पुलिस में शामिल कर लिया गया है। इससे जहां राजस्व पुलिस की चुनौतियां कम हो गई हैं, वहीं रेगुलर पुलिस की जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं। यही नहीं शासन से कोतवाली, सोमेश्वर (43 गांव) और लमगड़ा (पांच गांव) के 50 गांवों के अलावा थाना भतरौंजखान के मुख्य बाजार के आधे हिस्से को भी अल्मोड़ा में शामिल किए जाने की स्वीकृति मिल गई है।
भविष्य में इन गांवों को भी रेगुलर पुलिस क्षेत्र के अंतर्गत शामिल कर लिया जाएगा। बता दें कि उत्तराखंड शासन की ओर से 31 जुलाई को थाना चौखुटिया के अंतर्गत रिपोर्टिंग पुलिस चौकी खीड़ा और मासी को स्वीकृति दी गई थी। एसएसपी पी रेणुका देवी ने बताया कि इन दोनों चौकियों के अंतर्गत 45 राजस्व गांवों को शामिल कर लिया गया है।
मासी चौकी के अंतर्गत आए 24 गांव
मासी, आदिग्राम फुलोरिया, कनौणिया, कोटयूड़ा, छानी, डांग, बोहरागांव, चिनौनी, भैल्टगांव, पटल गांव, भगौती, जेठुवा, झुडंगा, खनुली, कनरै, नौगांव, कबडोली, ऊंचा वाहन, थापला, चौना, कनौणी, गोगता, मोहणा और सीमा गांव शामिल हैं।
पुलिस चौकी खीड़ा में शामिल हुए 21 गांव
पुलिस चौकी खीड़ा में मालूधार, चुलेरासीम, खीड़ा, पालंगबाडी, खीड़ाचक मछीयाकोट, पुनियाबगड़, छिताड़, जमराड़, खजुराड़ी, चनौला परवाखरक, असेटी, बगड़ी, अमस्यारी, टेड़ागांव, कोटयूड़ा, कोटयूड़ाचक रामपुर, नौगांव वेरिया, पैली, तड़ागताल, ढनाण और वसरखेत गांव शामिल हैं।