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मामूली बीमारी पर नवजात को नहीं करना पड़ेगा रेफर

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अल्मोड़ा। मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिहाज से स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास कर रहा है। एनएचएम के माध्यम से जिले के सात प्रसव केंद्रों में रेडिएंट वॉर्मर और फोटोथेरेपी मशीन स्थापित की गई है। अब छोटी बीमारियों के कारण नवजातों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
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नवजात शिशुओं को कई बार हाइपोथर्मिया, पीलिया जैसे बीमारियां हो जाती हैं। ऐसे में जन्म के बाद शरीर के तापमान को संतुलित करने के लिए उसे रेडिएंट वॉर्मर में रखना जरूरी होता है। वहीं पीलिया ग्रस्त होने पर भी फोटो थेरेपी मशीन में रखा जाता है। पर विभिन्न ब्लॉकों में बनाए गए प्रसव केंद्रों में संसाधन का अभाव है, ऐसे में नवजातों को रेफर करना पड़ता है। पर अब एनएचएम के माध्यम से जिले के सात स्वास्थ्य केंद्रों के डिलीवरी प्वाइंटों में नई रेडिएंट वॉर्मर और फोटो थेरेपी मशीन लगाई गई है। अब मामूली बीमारी पर नवजातों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
यहां लगी मशीनें
अल्मोड़ा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पीएचसी, सीएचसी में बनाए गए डिलीवरी प्वाइंटों में कुल 11 नए रेडिएंट वॉर्मर और चार नई फोटो थेरेपी मशीनें स्थापित की गई हैं। एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक दीपक भट्ट ने बताया कि धौलादेवी और रानीखेत में तीन-तीन रेडिएंट वॉर्मर के साथ एक-एक फोटो थेरेपी मशीन लगाई हैं। वहीं सल्ट, देघाट, मासी, धौलछीना, पीएचसी भनोखाल में एक-एक रेडिएंट वॉर्मर अैर एक-एक फोटो थेरेपी मशीन स्थापित की गई है।
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