अल्मोड़ा में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी को करीब एक माह पहले 33 करोड़ रुपये दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्यों की धीमी गति से मेडिकल कॉलेज प्रशासन नाराज है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन से अब तक के निर्माण कार्यों की जांच कराने के साथ ही आगे के कार्यों के लिए निर्माण एजेंसी को बदलने का आग्रह किया है। ताकि निर्माण कार्य जल्द पूरे हो सकें और सरकार की मंशा के अनुरूप इसी साल से मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं शुरू हो जाएं।
बता दें कि प्रदेश सरकार अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में 2019 में कक्षाएं हर हाल में शुरू करना चाहती है। हाल ही में 33 करोड़ रुपये मंजूर होने के बाद निर्माण एजेंसी को जरूरी भवनों का निर्माण फरवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन प्राचार्य डॉ. रामगोपाल नौटियाल ने बताया कि बीते एक माह में भवनों के निर्माण में खास तेजी नहीं आई है। अब निर्माण एजेंसी के अधिकारी 31 मार्च तक जरूरी भवनों का निर्माण पूरा होने की बात कह रहे हैं। प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए 20 करोड़ रुपये और आना है, लेकिन निर्माण एजेंसी ने पूर्व में मिले 33 करोड़ के बजट को 31 मार्च से पहले समाप्त नहीं कर पाने की बात कही है। प्राचार्य ने कहा कि सचिव चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखकर निर्माण एजेंसी को बदलने का आग्रह किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि निर्माण एजेंसी भवनों के निर्माण में जानबूझकर विलंब कर रही है ताकि निर्माण लागत को बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि अब तक के निर्माण कार्यों की जांच कराने का भी आग्रह किया जा रहा है। प्राचार्य ने कहा कि पर्याप्त बजट होने के बावजूद जिस गति से निर्माण कार्य चल रहे हैं उससे आगामी 31 मार्च तक भी काम पूरे होने की उम्मीद नहीं है।