रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील अंतर्गत ग्राम चौकुनी निवासी एवं सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कार्यरत रेबेका सिंह ने 21 मई को विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मीटर) फतह कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। कुंदन सिंह और रुथ सिंह की बेटी रेबेका इससे पहले भी हिमालय की कई चोटियों पर सफल आरोहण कर चुकी हैं। बीएसएफ के हीरक जयंती वर्ष पर आयोजित वंदे मातरम् बीएसएफ ऑल वूमेन माउंट एवरेस्ट अभियान के तहत उन्होंने यह सफलता हासिल की। अभियान को 6 अप्रैल 2026 को बीएसएफ महानिदेशक प्रवीण कुमार, आईपीएस ने नई दिल्ली से रवाना किया था। एवरेस्ट बेस कैंप लौटने पर रेबेका सिंह ने बताया कि अभियान का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना और क्लीन हिमालय-ग्लेशियर बचाओ और हम फिट तो इंडिया फिट अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
हौसलों से ऊंचा कोई शिखर नहीं : रेबेका सिंह
रेबेका सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, बीएसएफ और कठिन परिस्थितियों में मिले हौसले को दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ की बेटियां अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, जरूरत केवल आत्मविश्वास और अवसर की है। उन्होंने महिलाओं और युवतियों को संदेश देते हुए कहा कि सपनों को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए। यदि मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा जाए तो दुनिया की सबसे ऊंची चोटी भी छोटी लगने लगती है। रेबेका सिंह ने हिमालय संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से क्लीन हिमालय-ग्लेशियर बचाओ अभियान में सहयोग की अपील भी की। उन्होंने कहा कि हिमालय केवल पर्वत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है, जिसकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।