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Almora News: आरबीएसके टीम के प्रयास से आठवीं के छात्र को मिला नया जीवन

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अल्मोड़ा। समुदाय स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लमगड़ा में कार्यरत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीम ने फिर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। टीम की सजगता के चलते लमगड़ा ब्लॉक के ग्राम तल्ला लमकोट निवासी 12 वर्षीय करन बिष्ट को जन्मजात हृदय रोग से मुक्ति मिल गई है। करन अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) कनरा में कक्षा आठ का छात्र है।
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विगत दिनों स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में नियमित स्वास्थ्य जांच अभियान के तहत आरबीएसके टीम ने अटल उत्कृष्ट जीआईसी कनरा के बच्चों की स्क्रीनिंग की थी। इस दौरान छात्र करन बिष्ट के स्वास्थ्य में असामान्यता पाते हुए उसमें जन्मजात हृदय रोग के लक्षण चिह्नित किए।
प्राथमिक जांच के बाद टीम ने बच्चे को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) अल्मोड़ा रेफर किया। डीईआईसी अल्मोड़ा में उच्च स्तरीय परीक्षण के पश्चात, बच्चे को प्रदेश सरकार के अनुबंधित हल्द्वानी स्थित निजी हॉस्पिटल भेजा गया। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में करन के हृदय का सफल ऑपरेशन किया गया। चिकित्सकों के अनुसार अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।
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लाखों का खर्च हुआ निशुल्क
सामान्यतः इस तरह के जटिल हृदय ऑपरेशन पर निजी अस्पतालों में पांच से छह लाख रुपये तक का खर्च आता है जिसे एक ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवार के लिए वहन करना बेहद कठिन होता है। हालांकि, भारत सरकार के महत्वाकांक्षी आरबीएसके कार्यक्रम के तहत इस पूरे ऑपरेशन, दवाइयों और इलाज का संपूर्ण खर्च सरकार की ओर से उठाया गया जिससे पीड़ित परिवार को यह जीवनदायी उपचार पूरी तरह निशुल्क प्राप्त हुआ।
आरबीएसके टीम में चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक सिंह, चिकित्साधिकारी डॉ. नेहा मर्तोलिया, फार्मेसी अधिकारी गोविंद कुंजवाल शामिल रहे। टीम के सदस्यों ने बताया कि उनके द्वारा क्षेत्र के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में लगातार स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है ताकि बच्चों में छिपी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनका मुफ्त इलाज कराया जा सके।
कोट
- आरबीएसके टीम का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। इसी तरह सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। - डॉ. कमलेश जोशी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी लमगड़ा
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