रानीखेत क्षेत्र का राशन गोदाम।
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। तमाम कोशिशों के बावजूद खाद्य आपूर्ति विभाग उपमंडल क्षेत्र में राशन गोदामों के लिए स्थायी भवनों की व्यवस्था नहीं कर सका है। क्षेत्र के तीनों राशन गोदाम किराए पर चल रहे हैं, जीर्णशीर्ण हालत में पहुंचे इन गोदामों में राशन की सुरक्षा करना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। बरसाती पानी से बचाव के लिए गोदामों में तिरपाल/पॉलिथीन के पैबंद लगाए गए हैं, चूहों से भी खतरा है।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने रानीखेत, भतरौंजखान, सौनी में राशन गोदाम खोले हैं, लेकिन तीनों गोदाम अपने भवन की बाट जोह रहे हैं। सबसे बड़ा रानीखेत का राशन गोदाम है, जो वर्षों से यहां मालरोड स्थित जिला पंचायत के भवन में संचालित हो रहा है। इस गोदाम से क्षेत्र के 100 से अधिक डीलर जुड़े हैं, लेकिन किराए का भवन भी जीर्णशीर्ण हालत में है, छत कमजोर हो चुकी है, बरसात का पानी अंदर घुस आता है, तिरपाल/पॉलिथीन के पैबंद लगाकर किसी तरह से अनाज की सुरक्षा की जा रही है।
कई बार राशन गलकर खराब तक हो जाता है। दूसरी तरफ भतरौंजखान स्थित राशन गोदाम की हालत भी जीर्णशीर्ण है। इस गोदाम की क्षमता 13 सौ कुंतल की है, बरसात में राशन को पानी से सुरक्षित करने में विभाग के पसीने छूट जाते हैं। किराए पर चल रहे सौनी गोदाम की क्षमता 14 सौ कुंतल की है। यहां भी राशन की सुरक्षा का सवाल खड़ा है।
तमाम प्रयासों के बावजूद विभाग स्थायी राशन गोदामों की व्यवस्था नहीं कर सका है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि रानीखेत राशन गोदाम के लिए चौकुनी के पास भूमि चयनित की गई है, जबकि सौनी गोदाम के लिए सौनी डांठ पर भूमि का चयन हो चुका है, लेकिन मामला शासन स्तर पर लंबित है। शासन से स्वीकृति मिलते ही गोदाम बनाए जाएंगे।