रानीखेत (अल्मोड़ा)। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड की रानीखेत नगर कार्यकारिणी को लेकर पिछले वर्ष सामने आए वित्तीय अनियमितता के आरोपों पर अब स्थिति साफ हो गई है।
रानीखेत जिला इकाई के पदाधिकारियों की ओर से नगर इकाई के कुछ पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश संगठन ने इसकी जांच अनुशासन समिति को सौंपी थी। जांच पूरी होने तक आरोपी पदाधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी से भी वंचित रखा गया था।
अब अनुशासन समिति ने अपनी जांच पूरी कर प्रदेश कार्यकारिणी को रिपोर्ट सौंप दी है। समिति को आरोपों के संबंध में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी में मामले पर विचार-विमर्श किया गया और रानीखेत नगर इकाई के आरोपित पदाधिकारियों को वित्तीय अनियमितता के आरोपों से मुक्त कर दिया गया। साथ ही उन्हें चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से रोकने संबंधी पूर्व आदेश को भी निरस्त कर दिया गया है।
कोट-
अनुशासन समिति की जांच में वित्तीय अनियमितता के आरोपों के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इस पर आरोपी पदाधिकारियों को क्लीन चिट देते हुए चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी से रोकने संबंधी पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया गया है। रानीखेत में जल्द चुनाव कराए जाएंगे। इससे पहले वर्तमान जिला अध्यक्ष और जिला महामंत्री के त्यागपत्र से बनी स्थिति को देखते हुए जिला इकाई के चुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद रानीखेत नगर इकाई की चुनाव प्रक्रिया नए सिरे से कराई जाएगी। - नवीन चंद्र वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तराखंड