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एमएमएस प्रकरण पर  रानीखेत तीसरे दिन भी रहा गरम

Sun, 29 May 2016 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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रानीखेत में जुलूस निकालतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। एमएमएस प्रकरण के फरार आरोपी की गिरफ्तारी और जांच रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने तीसरे दिन भी नगर में जमकर प्रदर्शन किया। उनके समर्थन में ब्लॉक प्रमुख रचना रावत सहित कई जनप्रतिनिधि भी आ गए।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि प्रशासनिक अधिकारियों को जनसरोकारों से कोई लेना-देना नहीं है। पूर्व विधायक करन माहरा भी समर्थन में गांधी चौक पहुंचे। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने देर शाम तक जांच रेगुलर पुलिस को सौंपने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण भड़क उठे, प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए जुलूस के साथ बाजार बंद करा दिया। ग्रामीण संयुक्त मजिस्ट्रेट की बर्खास्तगी की मांग करने लगे। इधर, ग्रामीणों के धरने प्रदर्शन को देखते हुए देर शाम एमएमएस प्रकरण की जांच जिला प्रशासन ने रेगुलर पुलिस को सौंप दी है।
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संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत कुमार ने बताया कि डीएम ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि जांच ट्रांसफर होने में थोड़ा वक्त लगता है। इस मामले में एसएसपी को प्रपत्र भेजे जाते हैं। इसके बाद एसएसपी की ओर से कोतवाली को निर्देश होंगे।  इधर कोतवाल संजय गर्ब्याल ने बताया कि अभी जांच के आदेश नहीं पहुंचे हैं, अलबत्ता फरार आरोपी की धरपकड़ को दबिशें दी जा रही हैं।
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 पंचायत प्रतिनिधियों ने शनिवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर रविवार की सुबह नौ बजे तक मांग पूरी नहीं होने पर धरने की चेतावनी दी थी। पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत कई पंचायत प्रतिनिधि ब्लॉक प्रमुख रचना रावत के नेतृत्व में गांधी चौक पहुंचे। यहां ग्रामीणों के समर्थन में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।  काफी देर तक हंगामा चलता रहा, दोपहर संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत कुमार गांधी चौक पहुंचे, जहां उन्हें ग्रामीणों की खरी-खोटी सुननी पड़ी। उन्होंने कहा कि जांच शीघ्र ही रेगुलर पुलिस को सौंप दी जाएगी। उन्होंने धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन ग्रामीण जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने बाजार में जुलूस प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाजार बंद करा दिया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस और प्रशासन गंभीर नहीं हैं। तीन दिन बाद भी आरोपी का नहीं पकड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान कई ग्रामीण महिलाएं भी मौजूद थीं।
 
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