गरुड़ (बागेश्वर)। तीन घंटे अनवरत बारिश ने समूचे कत्यूर घाटी में जन जीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के चलते तीन घंटे तक सड़कों में वाहन नहीं चले। बारिश से दो मकान ध्वस्त हो गए। आधा दर्जन से अधिक गौशालों को क्षति पहुंची है। बारिश से आधा दर्जन से अधिक सड़कों पर मलबा आने से मार्ग यातायात के लिए बंद हो गए हैं।
तहसील क्षेत्र में शनिवार अपराह्न तीन बजे से सायं छह बजे तक अनवरत बारिश के बीच ओले भी गिरे। मूसलाधार बारिश के कारण लोग तीन घंटे तक घरों में ही दुबके रहे। बारिश से अणां गांव निवासी ठाकुर सिंह और लाहुर घाटी के उम्मेद राम का मकान ध्वस्त हो गया। बारिश से अणां-लोहारचौरा, पांडे-खरक, चनोली-नरग्वाड़ी, चौफुला-मटे, कंधार-सिरकोट मोटर मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं।
डंगोली और गागरीगोल के क्षेत्र के आपदा प्रभावितों ने क्षेत्रीय पटवारी पर आपदा की घटनाओं को हल्के में लेने का आरोप लगाया है। प्रभावितों का आरोप है कि पटवारी ने विगतों दिनों हुई क्षति की रिपोर्ट आज तक तैयार नहीं की है। जन अक्रोश को देख कानूगो गोपाल सिंह बिष्ट, पटवारी मधन सिंह बिष्ट, पटवारी देश दीपक वर्मा, दयाल मिश्रा काम के प्रति लापरवाह पटवारियों के क्षेत्र में हुई क्षति की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। एसडीएम फींचा राम ने बताया कि आपदा की घटनाओं को हल्के में लेने वाले पटवारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।