तीन दिन पहले रानीखेत के विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल के भाई सतीश नैनवाल समेत दो लोगों के कारतूसों के साथ नेपाल बॉर्डर पर पकड़े जाने के मामले में सियासत जारी है। पुलिस दोनों लोगों को जारी किए गए नोटिस का स्पष्टीकरण मिलने का इंतजार कर रही है। अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो फिर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले में अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर भाई के गलत कामों को संरक्षण देने के आरोपों से घिरे विधायकनैनवाल ने स्पष्ट कहा है कि उनके भाई को लेकर कांग्रेसी राजनीतिक षड्यंत्र रच रहे हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी से वार्ता करते हुए विधायक ने कहा कि उन पर भाई के गलत कामों को लेकर राजनीतिक दबाव बनाने के आरोप लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि मेरा भाई अपराधी नहीं कारोबारी है। अगर उसने कोई गलती की है तो कानून को अपना काम करना चाहिए लेकिन उसने कोई आपराधिक गलती नहीं की है। पुलिस अपनी जांच कर रही है। पुलिस को कानून के दायरे में कार्रवाई करनी चाहिए।
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उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला कांग्रेस नेताओं के लिए कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष करन माहरा को क्षेत्र की जनता चुनावों में नकार चुकी है अब वे अपने लिए सुरक्षित सीट तलाश रहे हैं। वे मेरे खिलाफ राजनीतिक प्रपंच कर रहे हैं जबकि पूर्व सीएम हरीश रावत अपने बेटे आनंद रावत को रानीखेत में स्थापित करना चाहते हैं, इसलिए वे उनके पीछे पड़े हुए हैं।
नैनवाल ने कहा कि कांग्रेसियों को राजनीतिक लड़ाई राजनीतिक तरीके से ही लड़नी चाहिए। इसके लिए गलत हथकंडे नहीं अपनाने चाहिए। यह पूछे जाने पर कि आपके भाई का नाम बार-बार विवादों में आता है कभी उद्यान घोटाला, कभी मारपीट तो कभी कोई और विवाद और आप हर बार उसे बेकसूर बताकर उसका पक्ष लेते हैं। विधायक ने कहा कि मैंने कभी भाई के लिए राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल नहीं किया। जिस उद्यान घोटाले की बात की जा रही है उसमें तो मेरा भाई खुद ही पीड़ित है। हर बार जांच में उस पर लगे आरोप गलत पाए गए।