नानीसार में उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी के साथ मारपीट और उनके साथ धरना दे रहे दर्जनभर आंदोलनकारियों को शांतिभंग के आरोप में उठाकर जेल में डालने का मामला तूल पकड़ गया है।
विरोध में नानीसार बचाओ संघर्ष समिति और कई ग्रामीणों ने रविवार को द्वारसों में रानीखेत-अल्मोड़ा मोटर मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक चक्काजाम किया। दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में एसपी के आश्वासन पर जाम खोल दिया गया।
नानीसार में जिंदल ग्रुप के लोगों द्वारा उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी के साथ हुई मारपीट मामले से गुस्साए क्षेत्र के ग्रामीण नानीसार बचाओ आंदोलन के बैनर तले द्वारसों एनएच पर एकत्र हुए और यहां चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि बाहर से आए लोग सरकार और प्रशासन की शह पर गुंडागर्दी पर उतर आए हैं।
इन लोगों पर सरकार और प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, जिस कारण क्षेत्र के ग्रामीणों का उत्पीड़न हो रहा है। मारपीट के बाद धरने पर बैठे लोगों को प्रशासन ने दबाव में जबरन उठाकर जेल भेज दिया, जबकि जिंदल ग्रुप के लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
इससे साफ जाहिर है कि प्रशासन दबाव में कार्य कर ग्रामीणों का उत्पीड़न कर रहा है। केंद्रीय अध्यक्ष और उनके साथ अन्य 12 लोगों को तत्काल रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। इस दौरान एनएच पर दोनों तरफ से वाहनों की लंबी कतार लग गई।
हरकत में आए एसपी केएस नगन्याल ने अल्मोड़ा से फोन पर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गिरफ्तार हुए लोगों को देर शाम तक रिहा कर दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। आश्वासन पूरे नहीं होने पर सुबह 10 बजे से फिर जाम लगाने की चेतावनी दी।