रविवार की तड़के जरूरी बाजार स्थित एक पान और परचून की दुकान में अचानक आग लग गई। कुछ देर में ही आग ने पूरी दुकान को आगोश में ले लिया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दुकानें जलकर राख हो चुकी थी। दुकान में रखे 60 हजार रुपये भी जल चुके थे। तहसील प्रशासन नुकसान के आकलन में जुटा है।
जरूरी बाजार निवासी देवेंद्र लाल शाह पुत्र गणेश लाल शाह किराए की दुकान में पान के अलावा परचून का सामान भी बेचते हैं। सुबह करीब चार बजे अचानक आग लग गई। पड़ोसियों ने धुआं निकलता देखा तो इसका पता चला। आनन-फानन में लोग आग बुझाने लगे, लेकिन आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
कुछ देर बाद पहुंचे दमकल कर्मियों ने भी मशक्कत शुरू की, लेकिन तब तक सारा सामान राख हो चुका था। श्री शाह ने बताया कि 60 हजार रुपये की नकदी दुकान के अंदर रखी थी वह भी स्वाहा हो गई है। नया फ्रिज, म्यूजिक सिस्टम, फर्नीचर सहित कुल छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
इधर सदर उपराजस्व निरीक्षक महेंद्र चौड़िया और एफएसआई महेश चंद्र ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, पूर्व विधायक करन माहरा और छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी ने प्रभावित को मुआवजा देने की मांग की है।
जरूरी बाजार क्षेत्र पूर्व में रानीखेत की मुख्य बाजार थी, लेकिन अधिकतर स्थानों पर अतिक्रमण के चलते अब यह बाजार संकुचित हो गई है। बाजार में दो वाहन एक साथ पास नहीं हो सकते। दमकल वाहन को गुजरने में भी समय लगता है।
दूसरी तरफ रात्रि में लोग अपने अपने वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर देते हैं। रविवार की सुबह परचून की दुकान में लगी आग यदि कुछ देर और रहती तो शायद बड़ा अग्निकांड हो सकता था। स्थानीय नागरिकों ने जरूरी बाजार के लिए अलग वाहन पार्किंग बनाने की मांग भी उठाई है।
रविवार की सुबह जरूरी बाजार क्षेत्र में अग्निकांड के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से बाजार में आग बुझाने के लिए लगाए गए फायर हाइड्रेंट को सिविल को सौंपने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि दमकल वाहन लेट पहुंचा। लोग बाल्टियों से आग बुझा रहे थे, यदि फायर हाइड्रेंट पब्लिक के पास होते तो आग बुझाने में मदद मिल जाती।