ऐसे टिनशेडों में रहते हैं अग्निशमन केंद्र के कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
अग्रि शमन केंद्र के ऊपर क्षेत्र की छह तहसीलों और कई थाना क्षेत्रों का दायित्व है। किंतु इलाके के पांच लाख लोगों की हिफाजत का जिम्मा संभालने वाले दमकल कर्मी आज भी एक छोटे से टिनशेड में हने को विवश हैं। उसी टिनशेड में कार्यालय भी है। खतरों से जूझने वाले इन कर्मचारियों को आज तक बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पाई हैं, अग्निकाल अथवा आपदा के वक्त कर्मचारी पूरी तत्परता से कार्य करते हैं।
यहां लालकुर्ती स्थित दमकल केंद्र के ऊपर रानीखेत, द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, स्याल्दे और सल्ट तहसीलों का दायित्व है। आग और अन्य दुर्घटनाओं के मौके पर रानीखेत से ही पूरे उपमंडल क्षेत्र में दमकल वाहन भेजे जाते हैं। पिछले सालों में रानीखेत स्थित दमकल दस्ते ने काफी तत्परता और बहादुरी के साथ बड़ी अग्रि दुर्घटनाओं को काबू किया है।
हर बार इस दस्ते की प्रशंसा हुई है, किंतु खतरों से जूझने वाले इन कर्मचारियों को आज तक बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पाई हैं। बताया गया है कि छावनी परिषद से 2.025 एकड़ भूमि पुलिस विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। वर्तमान में काम चलाने के लिए टिनशेड बनाए गए हैं। एक में कार्यालय और आवास, दूसरे में मैस चल रहा है। कड़ाके की ठंड में भी कर्मचारी इसी शेड में रहने को विवश रहते हैं। तीनों दमकल वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं, हालांकि अग्रिशमन उपकरण स्टोर में रखे गए हैं।