पर्यटन नगरी में सैलानियों को आकर्षित करने के लिए अब रानीझील को चौड़ा कर सुंदरीकरण होगा। चौड़ीकरण का कार्य सिंचाई विभाग से कराने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूर्व में ही सहमति जता दी थी। इधर छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी ने भी सुंदरीकरण कार्य को हरी झंडी दे दी है। झील के चारों ओर एक मीटर चौड़ी बटिया का निर्माण भी कराया जाएगा। इधर, इस संबंध में केएमवीएन निदेशक मंडल के सदस्य डीएन बड़ोला ने कैंट बोर्ड के सीईओ से मुलाकात भी की है।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए छावनी परिषद ने एक दशक पूर्व यहां नरसिंह मैदान के नीचे रानीझील का निर्माण किया। झील में वोटिंग की व्यवस्था भी की गई, लेकिन नियमित देखरेख के अभाव में यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई। झील पर्यटकों को आकर्षित नहीं कर सकी। केएमवीएन निदेशक मंडल के सदस्य डीएन बड़ोला ने गत वर्ष झील को नैनीताल की तर्ज पर विकसित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा था।
मुख्यमंत्री ने इसकी स्वीकृति और तथा कार्य पर्यटन विभाग को सौंपा। अब पर्यटन विभाग के स्थान पर चौड़ीकरण का कार्य सिंचाई विभाग को दे दिया गया है। शीघ्र ही प्रस्ताव बनाकर शासन को जाएगा। इधर रानीझील के सुंदरीकरण को लेकर छावनी परिषद के सीईओ वैंकट नरसिम्हा रेड्डी ने सहमती जताई है। मालूम हो कि सुंदरीकरण होने के साथ ही ताल को गाद मुक्त रखने के लिए गधेरों में फिल्टर भी लगाए जाएंगे। झील के चारों ओर एक मीटर चौड़ी बटिया का निर्माण होगा। झील को गोलाकार बनाया जाएगा। परिसर में कैंटीन निर्माण, शौचालय के निर्माण के अतिरिक्त पेंटिंग्स आदि भी लगाई जाएंगी।