रानीखेत (अल्मोड़ा)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने रानी लक्ष्मी बाई की जयंती मनाई। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के बच्चों को साथ लेकर प्रभात फेरी निकाली गई, लेकिन यह कार्यक्रम शुरू होते ही विवादों में घिर गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एबीवीपी ने विद्यालयी बच्चों के हाथों में संगठन के झंडे और बैनर थमाए और संगठन के समर्थन में नारे भी लगाए। विद्यालयी बच्चों से इस तरह का काम कराकर संगठन ने घटिया राजनीति को उजागर किया है। इसकी जांच की मांग उठाई गई।
एबीवीपी ने शनिवार की सुबह महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित किए। एबीवीपी के बैनर तले स्कूली बच्चों ने प्रभातफेेरी निकाली। विजय चौक से प्रभातफेेरी, द्यूलीखेत, रोडवेज स्टेशन, सदर बाजार होते हुए गांधी चौक पहुंची यहां रैली सभा में तब्दील हो गई।
प्रभात फेरी में जीजीआईसी, मिशन इंटर कालेज, विद्या मंदिर के बच्चों ने बच्चों ने भाग लिया। इधर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एबीवीपी ने विद्यालयी बच्चों के हाथों में संगठन के झंडे थमाए और संगठन के समर्थन में नारे भी लगाए, जो कि गलत है।
बच्चों के माध्यम से संगठन ने राजनीति चमकाने का प्रयास किया है। एबीवीपी डायनामाइट जैसे नारे भी लगाए। मासूम बच्चों से इस तरह की राजनीति कराना गलत है। कार्यकर्ताओं ने मामले की जांच की मांग भी उठाई है।