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धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद देखने उमड़ी भीड़

Wed, 05 Oct 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला अल्मोड़ा/सोमेश्वर।
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अल्मोड़ा में रामलीला - फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा/सोमेश्वर। जिले में विभिन्न स्थानों पर रामलीला मंचन चल रहे हैं। सोमवार रात नंदादेवी और कर्नाटकखोला की रामलीला में धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद आकर्षण का केंद्र रहा। कर्नाटकखोला में विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल भी रामलीला देखने पहुंचे। उधर सोमेश्वर में भी रामलीला शुरू हो गई है।
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नंदादेवी में रामलीला में धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद का आकर्षक मंचन हुआ। रामलीला देखने को काफी संख्या में दर्शक देर रात तक जमे रहे। मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी थे। हुक्का क्लब में दशरथ-विश्वामित्र संवाद, ताड़िका, सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार, गौरी पूजन, सरकार की आली में सीता स्वयंवर, परशुराम-लक्ष्मण संवाद के प्रसंग मंचित हुए।

कर्नाटकखोला में तीसरे दिन की रामलीला का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने लोगों से कहा कि रामलीला मनोरंजन का साधन ही नहीं बल्कि मनुष्य के जीवन में सहिष्णुता और सुधार लाने का कार्य करती है। रामलीला में धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर का मंचन हुआ। रावण का अभिनय बिट्टू कर्नाटक और गिरजाभूषण कांडपाल ने किया।
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 एनटीडी की रामलीला में दशरथ-विश्वामित्र संवाद, विश्वामित्र का राम, लक्ष्मण को मांगना, ताड़िका, सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार, गौरी पूजन का मंचन हुआ। वेद प्रकाश तिवारी ने दशरथ, दिव्या जोशी ने राम, दिव्यांशी बिष्ट ने लक्ष्मण, शीतल कपूर ने सीता, पंकज कांडपाल ने ताड़िका, करन ने सुबाहु, चंद्र मोहन जोशी ने विश्वामित्र के पात्र का अभिनय किया। धारानौला, राजपुरा में भी रामलीला मंचन चल रहा है।

उधर सोमनाथ महावीर रामलीला कमेटी की ओर से सोमेश्वर में रामलीला शुरू हो गई है। पहले दिन नटी सूत्रधार, नारद तप, नारद मोह, नारद का भगवान विष्णु को श्राप, रावण, कुंभकर्ण, विभीषण तप, शिवजी से वर मांगना, रावण का कैलास पर्वत उठाना,  राम जन्म का मंचन हुआ।

रानीखेत/द्वाराहाट। उपमंडल क्षेत्र के कई स्थानों रामलीला समारोह जारी है। रानीखेत नगर की खड़ी बाजार में सोमवार की रात परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने समां बांध दिया। कलाकारों ने शानदार अभिनय कर देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा। तीसरे दिन धनुष खंडित होने के बाद परशुराम का मंच पर प्रवेश हुआ।

शिवजी का पुराना टूटा धनुष देख परशुराम क्रोधित हो गए। इसके बाद शुरू हुआ लक्ष्मण के साथ तीखा संवाद। लक्ष्मण परशुराम के रौद्र रूप को देखकर गुस्से में आ जाते हैं। कलाकारों के शानदार अभिनय ने दर्शकों की जमकर तालियां बटोरी। उधर, ताड़ीखेत की रामलीला में भी धनुष यज्ञ सहित तमाम दृश्यों का मंचन हुआ। द्वाराहाट के कालीखोली में भी रामलीला समारोह जारी है।
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