भैल्टगांव में लक्ष्मण के मूर्छित होने पर विलाप करते राम और बानर सेना। संवाद न्यूज एजेंसी
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चौखुटिया(अल्मोड़ा)। भैल्टगांव के ज्योगिडेश्वर में रामलीला के दसवें दिन मेघनाथ-लक्ष्मण संवाद ने समा बांधा। इस दौरान लक्ष्मण के मूर्छित होने से राम दल में सन्नाटा छा गया।
बाद में हनुमान जी द्वारा लाई गई संजीवन बूटी से उन्हें होश आया। राम की भूमिका में अनिल गैरोला, लक्ष्मण चेतन मनराल, सीता सूरज पांडे, सुषैन वैद्य मोहन सिंह रावत, हनुमान गिरीश चंद्र, सुग्रीव हिमांशु बिष्ट, अंगद भरत मनराल, जामवंत चंद्रशेखर, विभिषण कुबेर भंडारीरावण त्रिलोक संगेला, भरत पूजा गैरोला, विभिषण पारस और मेघनाथ की भूमिका में चंदन नेगी थे।
मुख्य अतिथि पूर्व जिपंस गणेश नायक थे। मलीला कमेटी के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडे, कोषाध्यक्ष चदन सिंह नेगी, संयोजक कृष्णा नंद खुल्बे, किशोर बवाड़ी, कैलाश चंद्र, जगत सिंह मनराल, धनसिंह, मदन सिंह सुरेश कठोइया आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।