बढ़ती महंगाई का असर ईद-उल- फितर (ईद) पर्व पर भी दिखाई दे रहा है। ईद नकदीक आते ही नगर की बाजारें गुलजार हो जाती थी, लेकिन बढ़ती महंगाई का असर इस बार ईद पर भी दिखाई दे रहा है। ईद को लेकर बाजारों में खरीददारी करने कम संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय व्यवसायी इसका मुख्य कारण बढ़ती महंगाई को बता रहे हैं।
स्थानीय चंद्र दर्शन के अनुसार ईद का पर्व मनाया जाएगा। ईद को लेकर नगर की दुकानें खजला, फैनी, सिवई, खजूर आदि सामग्री से सजी हैं। ईद पर्व पर आमतौर पर फैनी, खजला, खजूर, मेवा, सिवई आदि की खरीददारी की जाती है। घरों में खीर, गुलाब जामुन समेत अन्य मीठी खाद्य सामग्री बनाई जाती हैं। साथ ही परिवार के सभी सदस्यों के लिए नए कपड़ों की खरीददारी की जाती है। ईद पर्व पर आम तौर पर नगर की बाजारें गुलजार हो जाती थीं, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण इस बार लोग जेब के मुताबिक ही खरीददारी कर रहे हैं। नगर के व्यवसायी शाकिर हुसैन ने बताया कि बढ़ती महंगाई का असर ईद की खरीददारी पर पड़ा है। पिछले सालों की तुलना में इस बार बाजार हल्का है।
इधर मोबाइल रिपेयरिंग का काम करने वाले मो. सलीम खान ने बताया कि ईद पर्व पर पूरे परिवार के लिए नए कपड़ों की खरीददारी की जाती है, लेकिन इस बार बढ़ती महंगाई ने कमर तोड़ दी है। उन्होंने बताया कि सिर्फ बच्चों के कपड़ों में ही पांच हजार रुपये खर्च हो चुके हैं जबकि परिवार के अन्य लोगों के लिए अभी खरीददारी ही नहीं की है।