मंगलवार तड़के हुई बारिश से तापमान में काफी गिरावट आ गई है। हालांकि दिन के वक्त निकली धूप से लोगों ने राहत महसूस की। बारिश से गेहूं, मसूर, सरसों की फसल तथा आलू, मटर, पालक, लाई, मेथी, प्याज आदि सब्जियों को काफी फायदा मिलेगा। बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। अल्मोड़ा में मंगलवार सुबह 3.08 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रबी सीजन में गेहूं, मसूर, सरसों की फसल समेत आलू, मटर, पालक, लाई, मेथी, प्याज आदि सब्जियों का उत्पादन किया जाता है। जिले में 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं, 2500 हेक्टेयर क्षेत्र में मसूर और 1200 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती की जाती है।
इसके अलावा सोमेश्वर, जैंती, लमगड़ा, धौलछीना, भैंसियाछाना, खड़ियानौली समेत कई इलाकों में आलू, मटर, पालक, लाई, मेथी, प्याज आदि की सब्जी उत्पादित की जाती है। मंगलवार को हुई बारिश से फसलों और सब्जियों को नई जान मिल गई है।
बारिश रबी सीजन की फसल और सब्जियों के लिए काफी फायदेमंद है। खासकर गेहूं, मसूर और सरसों की फसल को इस समय बारिश की सख्त जरूरत थी। बारिश से फसलों में नई जान आई है। सब्जियों के लिए भी बारिश अच्छी साबित होगी। यदि समय-समय पर बारिश होती रही तो गेहूं, मसूर, सरसों का का उत्पादन अच्छा होगा।
- मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह