कोसी बैराज के निरीक्षण के दौरान कोसी नदी के पुनर्जीविकरण को लेकर जानकारी लेते मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह।
- फोटो : amar ujala
प्रदेश के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि उत्तराखंड की नदियां प्राणदायिनी हैं। सिंह ने सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में कहा कि अधिकारियों के साथ चर्चा कर तय किया जाएगा कि जनसहयोग के साथ ही तकनीकी रूप से कोसी नदी को पुनर्जीवित करने के लिए सुदृढ़ योजना बने।
यहां हुई पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार ने इस क्षेत्र में काफी काम किया है, जिसमें एयर एंबुलेंस सहित अन्य व्यवस्थाएं भी शामिल हैं। हालांकि उत्तराखंड स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय पैमाने पर पीछे है। स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने के लिए अभी काफी काम करने की जरूरत है।
बढ़ते हादसों पर मुख्य सचिव ने कहा कि 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए, इसके लिए सरकार प्रयासरत है। ब्लैक स्पॉट देखे जा रहे हैं। तकनीकी दृष्टि से खतरे वाले स्थानों पर सड़कों के सुधार का काम किया जा रहा है। पंचेश्वर बांध के मामले में सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व की योजना है। बांध की ड्राफ्ट नीति पर जल्द ही अधिकारिक स्तर पर चर्चा की जाएगी। बांध प्रभावितों का विस्थापन किया जाएगा।
इससे पहले सर्किट हाउस पहुंचने पर डीएम ईवा आशीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी आदि अधिकारियों ने मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और कुमाऊं कमिश्नर चंद्रशेखर भट्ट का स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वहां सीडीओ मयूर दीक्षित, एडीएम विवेक राय, डीडीओ मो. असलम, तहसीलदार खुशबू आर्या, नायब तहसीलदार प्रयाग भट्ट आदि मौजूद थे।