विद्युत नियामक आयोग के समक्ष विद्युत विभाग की बदहाल व्यवस्था से त्रस्त लोगों ने बिजली दरों को बढ़ाने का पुरजोर विरोध किया है। पालिका सभागार में बुधवार को जनसुनवाई के दौरान लोगों का कहा कि दरें बढ़ाने के बजाए विभाग को व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी चाहिए।
दरअसल, विद्युत नियामक आयोग ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विभाग द्वारा बिजली दरों में प्रस्तावित 24 फीसदी बढ़ोतरी को लेकर उपभोक्ताओं से सुझाव मांगे थे, लेकिन जनसुनवाई में मौजूद लोगों ने इस प्रस्ताव पर असहमति जता दी। इसका विरोध करते हुए उपभोक्ताओं ने विभाग की लापरवाही से संबंधित कई शिकायतें आयोग को गिनाई।
यूपीसीएल के महाप्रबंधक एसएस यादव ने उपभोक्ताओं की शिकायत और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए निस्तारण के निर्देश दिए। यादव ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में 24 फीसदी बिजली दरें बढ़ाने के प्रस्ताव पर उपभोक्ताओं की सहमति ली जा रही है। उन्होंने माना कि अनियमित बिजली आपूर्ति से जनता परेशान रहती है। बिलों में रीडिंग की गड़बड़ी और शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है। विभाग को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी चाहिए।
आयोग के सदस्य (वित्त) सीएस शर्मा ने कहा कि राष्ट्र हित में उपभोक्ताओं को बिजली का अपव्यय रोकना चाहिए। व्यवस्था सुचारु बनाने में नगरपालिकाओं और यूपीसीएल को तालमेल बनाना होगा। उन्होंने उपभोक्ताओं को अधिकार बताते हुए बिजली बिलों की गड़बड़ी आदि शिकायतों के प्रति जागरूक रहने को कहा। पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने नगर क्षेत्र में 300 पोल उपलब्ध कराने, राज्य में बिजली चोरी रोकने के लिए कारगर कदम उठाने, पर्वतीय क्षेत्र के लिए अलग से बिजली दरें तय करने का सुझाव दिया। जनसुनवाई में आयोग के तकनीकी सदस्य केपी सिंह, सचिव नीरज सती, वित्त निदेशक दीपक पांडे, उपनिदेशक मुकेश वर्मा, एसडीएम रिंकू बिष्ट समेत यूपीसीएल, पिटकुल के इंजीनियर मौजूद थे।