सोमेश्वर क्षेत्र के हट्यूड़ा गांव के ग्रामीणों ने नौले की सफाई की। उन्होंने लोगों से नौलों के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्राचीन समय से ही नौले पानी का मुख्य आधार हैं। संकट होने पर नौलों का पानी ही उपयोग में लाया जाता है, लेकिन घर-घर तक पानी की लाइन बिछ जाने के बाद नौले उपेक्षित हो गए हैं। मगर गर्मियों में नौलों पर निर्भरता बढ़ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जल निगम और जल संस्थान की पेयजल व्यवस्था आए दिन चरमराई रहती हैं और गर्मियों में संकट बढ़ने पर लोग इसी नौले के पानी को उपयोग में लाते हैं। गर्मियों में दिन के समय नौले को बंद कर शाम को ग्रामीण बारी-बारी से पानी भरते हैं। सफाई करने वालों में भुवन भारती, रमेश भारती, शंकर गोस्वामी, गुड्डू भारती, सूरज भारती, अमन भारती, विक्की भारती, मोहन भारती, शंकर भट्ट, महेंद्र बोरा आदि शामिल हैं।