सीपीआई-एम ने केेंद्र सरकार पर पूंजीपतियों की हित पोषक होने का आरोप लगाया है। पार्टी के राज्य सचिव राजेंद्र नेगी ने कहा कि मोदी सरकार गरीबों की उपेक्षा कर कारपोरेट घरानों और पूंजीपतियों के हित में योजनाएं बना रही है। श्रम कानूनों को पलट कर मालिकों के हित के कानून लागू करने से मजदूरों के अधिकार समाप्त करने के की साजिश की जा रही है।
श्री नेगी ने यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने जनता को भ्रमित कर बहुमत हासिल किया, लेकिन सत्ता मिलते ही सरकार के सुर बदल गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार श्रम कानूूनों को पलटने, किसान विरोधी भू-अध्यादेश कानून को कानूनी जामा पहनाने और पर्यावरण विरोधी कानूनों को लागू कर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही है। केंद्र सरकार के भू-अध्यादेश को उन्होंने अंग्रेेज सरकार द्वारा 1894 में लागू भू कानून से भी अधिक खतरनाक बताया। श्री नेगी ने कहा कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ देश की सभी ट्रेड यूनियन और फेडरेशन दो सितंबर को देश व्यापी हड़ताल करेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ सीपीआई-एम जुुलाई से चौदह अगस्त तक गांव, ब्लॉक, तहसीलों और जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन आदि कार्यक्रम चलाएगी। इस मौके पर पार्टी पदाधिकारी दिनेश पांडे, यूसुफ तिवारी, आरपी जोशी आदि मौजूद थे।