अल्मोड़ा। चौखुटिया में बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं को ठीक करने की मांग के लिए चल रहा आंदोलन हाईकोर्ट में पहुंच गया है। इस मामले में जनहित याचिका दायर हो गई है। कोर्ट शुक्रवार या दीपावली बाद इस मामले में सुनवाई कर सकती है।
बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता कुसमलता बौड़ाई ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा गया कि चौखुटिया क्षेत्र लोग क्षेत्र के लोग बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण अकाल मृत्यु का ग्रास बन रहे हैं। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। यहां सिर्फ डेंटल सहायक ही कार्यरत हैँ। सीएचसी के मानकों के अनुसार यहां यहां 291 उपकरण होने चाहिए, लेकिन यहां 20 ही उपकरण हैं। मरीजों को हल्के से पेट दर्द और बुखार के उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। कुछ उपकरण आंदोलन की उग्रता के के कारण बढ़ाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व एक युवा की उंगली कट गई थी जिसको परिजन उपचार के लिए लाए थे, लेकिन चौखुटिया सीएचसी में टीटनेश का इंजेक्शन तक उपलब्ध नहीं हो पाया था। इससे साफ पता चलता है कि लोगों को किस स्तर की सुविधा सीएचसी चौखुटिया में मिल रही होंगी। अस्पताल में 95 ग्राम पंचायतों की 46 हजार से अधिक की आबादी निर्भर है इसके बाद सरकार को लोगों का दर्द नहीं दिख रहा है। उन्हें लोगों का दर्द का महसूस नहीं होता है इसलिए उन्होंने जनहित याचिका दायर कराई। जनहित याचिका दायर करने में उनके साथ कार्तिक उपाध्याया भी मौजूद रहे।