सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने सरकार पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए रोष व्यक्त किया। कहा कि सरकार उनको बेरोजगार करने की कोशिश कर रही है। तय हुआ कि जिले के विक्रेता आधार कार्ड और बैंक एकाउंट जमा नहीं करेंगे। यही नहीं उन्होंने एक अक्टूबर से हड़ताल पर जाने तथा खाद्यान्न और बाल पोषाहार का वितरण नहीं करने का भी निर्णय लिया।
नंदादेवी मंदिर परिसर में सस्ता गल्ला विक्रेता संघ की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकार एक षड्यंत्र के तहत उनको बेरोजगार कर रही है। कहा कि यदि सरकार उनकी मांगे जल्द पूरा नहीं करती तो वह सामूहिक रूप से त्यागपत्र देंगे। बैठक में 11 सितंबर को प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा लिए गए निर्णय से अवगत कराते हुए बताया कि जिले के विक्रेता आधार कार्ड और बैंक एकाउंट जमा नहीं करेंगे।
यही नहीं उन्होंने एक अक्टूबर से हड़ताल पर जाने के अलावा खाद्यान्न और बाल पोषाहार वितरण नहीं करने का निर्णय लिया। उन्होंने सरकार से एपीएल कार्ड धारकों को दी जाने वाली नकद सब्सिडी के निर्णय को निरस्त करने की मांग की। इस दौरान विक्रेताओं ने 20 सितंबर तक विरोध स्वरूप काले फीते बांधने, 21 से 27 सितंबर तक दुकानें शाम के वक्त ही खोलने, 28 सितंबर को पुन: समीक्षा बैठक करने का निर्णय लिया। बैठक में दिनेश गोयल, मनोज वर्मा, अभय साह, केसर सिंह, नारायण सिंह, विपिन चंद्र तिवारी, सुरेश चंद्र पांडे, हेमा पांडे, बिंदेश्वरी, विनिता बिनवाल आदि मौजूद थे।