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विकास भवन में स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष की नारेबाजी

Thu, 30 Apr 2015 11:16 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो/ अल्मोड़ा
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 प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने और जिला अस्पताल को पीपीपी मोड में देने के खिलाफ जनस्वास्थ्य संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। उसके बाद विकास भवन पहुंचे और जिला योजना की बैठक में शामिल होने आए स्वास्थ्य मंत्री और जिले के प्रभारी सुरेंद्र सिंह नेगी के  समक्ष नारेबाजी कर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं की स्वास्थ्य मंत्री के साथ नोकझोंक भी हुई।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा सेवाओं को व्यवस्थित करने के लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है। इससे पूर्व धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा बदहाल हो गई है। अस्पतालों में डाक्टरों समेत विशेषज्ञ चिकित्सकों के कई पद खाली चल रहे हैं। सरकारी अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर बन कर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर विश्व बैंक से करोड़ों रुपए का ऋण लेकर उत्तराखंड को कंगाल बनाने पर तुली है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने जो वायदे किए थे वह पूरे नहीं हो रहे हैं।

इस दौरान उपपा अध्यक्ष पीसी तिवारी, आनंदी मनराल, आनंदी वर्मा, रेखा धस्माना, लीला आर्या, गोविंद लाल वर्मा, प्रेम आर्या, जगदीश राम, दीवान सिंह बिष्ट, पप्पू लाल, आम आदमी पार्टी के आशीष जोशी, ललित चौधरी, गोपाल गुरुरानी, प्रदीप गुरुरानी, उत्तराखंड लोक वाहिनी के पूरन चंद्र तिवारी, पूर्व प्रधानाचार्य गिरीश जोशी, भारत स्वाभिमान के प्रताप सिंह जड़ौत, दिवान सिंह, भावना मनकोटी, आरडीएफ  के जीवन चंद्र, गोपाल, अल्का पंत, मीनाक्षी बोरा, मनोज पंत, प्रभा पांडे, भावना जोशी आदि शामिल थे।
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