न्यू इंदिरा कालोनी खत्याड़ी निवासी हिमांशु धर्मशक्तू की मौत का पर्दाफाश करने की मांग को लेकर जन संघर्ष समिति के बैनर तले खत्याड़ी के ग्रामीणों और अन्य लोगों ने चौथे दिन भी गांधी पार्क में धरना दिया। वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों के धरना स्थल पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। आंदोलनकारियों से वार्ता करने एसडीएम विवेक राय और पुलिस उपाधीक्षक आरएस रावत पहुंचे, लेकिन वार्ता विफल रही। आंदोलनकारी 23 दिसंबर को जुलूस निकालने पर अडिग हैं।
धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि हिमांशु की मौत के मामले की जांच में अनावश्यक विलंब हो रहा है। पुलिस लंबे समय बाद भी हिमांशु की मौत के मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में कथित रूप से दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस मामले की जांच में सक्षम नहीं है तो सीबीआई से जांच कराई जाए।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। मामले का खुलासा होने और आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। आंदोलनकारियों से वार्ता करने एसडीएम विवेक राय, पुलिस उपाधीक्षक आरएस रावत धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलनकारी उच्च स्तरीय जांच चाहते हैं तो प्रशासन इस मामले में पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने आंदोलन समाप्त करने की अपील की, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। उन्होंने हिमांशु की मौत के मामले का पर्दाफाश होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश परिहार, कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष मनोज सनवाल, गिरीश साह, प्रधान हर्ष कनवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीति, नगर व्यापार मंडल उपाध्यक्ष दीपेश चंद्र जोशी के अलावा हिमालयन ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन, सांस्कृतिक संगठन गोपालधारा ने आंदोलन को समर्थन दिया। धरने पर इंद्रा गनघरिया, विमला तिवारी, नारायणी धर्मशक्तू, दीपा बिष्ट, प्रीति अल्मियां, पुष्पा खंपा, भवानी पांगती, कमला खंपा, मंजू धर्मशक्तू, राधा बिष्ट, कला खाती, गीता रावत, कुंदन सिंह मर्तोलिया, गिरीश मर्तोलिया, गोकर्ण सिंह पांगती, मोहन सिंह खाती, दीवान सिंह मेहरा, शंकर जोशी आदि बैठे।