महिला एकता परिषद की बैठक में मौजूद महिलाएं। संवाद
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। खेती बचाओ अभियान के तहत महिला एकता परिषद से जुड़ी महिलाओं ने यहां बेढुली में बैठक आयोजित की। महिलाओं ने कहा कि जंगली जानवरों ने खेती किसानी पूरी चौपट कर दी है। इस पर कोई भी जिम्मेदार लोग बोलने को तैयार नहीं है। कृषि पर मंडराए खतरे की वजह से ही पहाड़ से बेतहाशा पलायन हो रहा है। फिर दोहराया कि आगामी विधानसभा चुनाव में उसी प्रत्याशी को वोट किया जाएगा जो खेती बचाने और पलायन रोकने के लिए लिखित रूप से आश्वासन देगा।
खेती बचाने के लिए द्वाराहाट में महिला एकता परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। कहा कि उत्तराखंड बने 21 साल हो गए हैं, लेकिन जंगली जानवरों और बंदरों के आतंक से ग्रामीणों को आज तक निजात नहीं मिली है। खेती किसानी पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। महिलाओं ने कहा कि गांव में कृषि भूमि के आस पास पेड़ों की मात्रा अधिक होने से खेती की पैदावार को नुकसान हो रहा है और बंदर इन्हीं पेड़ों पर शरण लेकर खेती को नुकसान पहुंचाते हैं। महिलाओं ने कहा कि कृषि पर छाए इन्हीं संकटों के कारण लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। कहा कि जब पहाड़ में खेती नहीं बचेगी तो लोग कैसे गुजारा करेंगे। कृषि विरोधी सरकारी नीतियों की कड़ी निंदा करते हुए महिलाओं ने निर्णय किया कि वह चुनाव में उसी का समर्थन करेंगी जो पहाड़ की कृषि को जंगली जानवरों से बचाने और पलायन रोकने के लिए आगे आएगा। बैठक की अध्यक्षता महिला मंगल दल बेढूली की अध्यक्ष आशा देवी ने की और संचालन मधुबाला कांडपाल ने किया। बैठक में हंसी देवी, मुन्नी देवी, ज्योति रावत, गीता देवी, हेमा रावत, कुसुमलता, शांति देवी आदि मौजूद रहे।