अल्मोड़ा। पालिका की ओर से सीमा विस्तार कर 25 ग्राम पंचायतों को पालिका क्षेत्र में शामिल करने से नाराज ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों ने रविवार को नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। ग्राम पंचायत खत्याड़ी स्थित पंचायत घर में हुई बैठक में वक्ताओं ने पालिका के सीमा विस्तार का आगे भी प्रबल विरोध करने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका का प्रस्ताव एक तरफा है। इस प्रस्ताव से पूर्व ग्रामीणों को विश्वास में नहीं लिया गया। सभी प्रस्तावित ग्राम पंचायतों के जन प्रतिनिधियों ने कहा कि 14 जून को डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित ग्राम पंचायतें विरोध स्वरूप आगामी चुनावों का भी बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को पालिका सीमा में शामिल करने पर ग्रामीणों के हक हकूक प्रभावित होंगे। उनके जंगल, कृषि, पशुपालन, जल सहित अन्य अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को पालिका सीमा में किसी भी कीमत में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। यदि जरूरत पड़ी तो ग्रामीण क्रमिक अनशन, आमरण अनशन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि पंचायतों को पालिका सीमा क्षेत्र में शामिल न किया जाए। इस मौके पर खत्याड़ी की प्रधान राधा देवी, गोलनाकरड़िया की प्रधान हंसा मर्तोलिया, सरसों की प्रधान पिंकी बिष्ट, देवेंद्र सिंह बिष्ट, नवीन बिष्ट, तलाड़बाड़ी के प्रधान किशन सिंह बिष्ट, माल के प्रधान राजेंद्र सिंह, सरसों के पूर्व प्रधान भुवन बिष्ट, बरसीमी की प्रधान ममता रावत, गरगूंठ के प्रधान मुकेश कुमार, रैखोली के प्रधान हेम भंडारी, फलसीमा के प्रधान जसवंत सिंह, सिकुडा के प्रधान प्रशांत पवार, राजेंद्र खोलिया, पूरन कनवाल, उमेद सिंह कनवाल, बसंत कनवाल, पूर्व प्रधान खत्याड़ी हर्ष कनवाल, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख आनंद कनवाल, खत्याड़ी के पूर्व प्रधान हरीश कनवाल, पूर्व उप प्रधान भूपेंद्र सिंह कनवाल, मनोज आर्या, नरेंद्र कनवाल, गोपाल कनवाल, कुंदन जीना, भोला कनवाल आदि मौजूद थे।