रानीखेत विकास संघर्ष समिति ने समस्याओं पर किया मंथन
रानीखेत(अल्मोड़ा)। रानीखेत विकास संघर्ष समिति ने बैठक करते हुए नगर पालिका में शामिल न किए जाने पर आक्रोश जताया। कहा जल्द छावनी परिषद से मुक्त कर सिविल एरिया को नगर पालिका में शामिल नहीं किया और स्थानीय लोगों को भूमि और भवन का मालिकाना हक नहीं दिया गया तो आंदोलन होगा।
सोमवार को हुई बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि सरकार ने छावनी परिषद की सिविल भूमि काे नगरपालिका में विलय करने के निर्देश जारी किए हैं। भूमि और भवनों का मालिकाना हक छावनी के अधीन रखने का निर्णय लिया गया है जो गलत है। समिति के सदस्यों ने गोल्फ ग्राउंड को खोलने का समय बढ़ाने, भालू डैम को विकसित करने, ग्रीष्मोत्सव और शरदोत्सव जैसी गतिविधियों के आयोजन के लिए एनसीसी मैदान को 30 साल के लिए लीज पर दिए जाने और रानीखेत को जिला बनाने की मांग की। बैठक के बाद इन इन मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। वहां पर गिरीश भगत, मुकेश साह, हरीश अग्रवाल, कैलाश पांडे, जयंत रौतेला, चंद्रशेखर गुरुरानी, अनिल वर्मा, अशोक पांडे आदि थे।