अल्मोड़ा। कोरोना काल में ढाल बने मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्स कार्मिकों की मांगों की अब भी सुध नहीं ली गई है। आउटसोर्स कार्मिकों ने मांगों को लेकर लगातार आठवें दिन मंगलवार को भी बांह में काला फीता बांधकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
हाथ में काला फीता बांध सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए कार्य कर रहे कार्मिकों में विभिन्न मांगों को लेकर भारी रोष है। कार्मिकों ने कहा कि लगातार मांग के बावजूद भी उन्हें सकारात्मक आश्वासन तक नहीं मिल रहा है। कोविड ड्यूटी के दौरान उनकी सुरक्षा की सुध नहीं ली जा रही है। न तो जीवन बीमा किया गया है और न ही कंपनी ने अब तक उनकी पॉलिसी की है। ऐसे में भी वह लगातार खतरे के जद में संक्रमित मरीजों के उपचार में ड्यूटी कर रहे हैं। दिन-रात मेहनत करने के बाद भी अब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो पा रही है। इस मौके पर दिक्षा, चंद्रा, कृतिका, एकता, वंदना, दीपिका, अनुभव, रवीना आदि मौजूद रहे। यहां वंदना, किशन चंद, सुष्मिता, पूजा फुलारा आदि मौजूद रहे।
रोडवेज के सभी कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाए
अल्मोड़ा। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने परिवहन निगम के कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को कोरोना वैक्सीन लगाने की मांग की है। परिषद के शाखा मंत्री राजकुमार टम्टा ने सहायक महाप्रबंधक को भेज ज्ञापन में कहा कि परिवहन निगम के कर्मचारी भी फ्रंटलाइन वर्कर की तरह काम कर रहे हैं। इससे उन्हें संक्रमण फैलने की आशंका है। उनसे परिवार के अन्य सदस्यों में भी संक्रमण फैल सकता है। उन्होंने परिवहन निगम के सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को जल्द वैक्सीन लगाने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की मांग की। (संवाद)
शिक्षा विभाग के मिनिस्टीरियल कर्मियों की समस्याओं का हो समाधान
अल्मोड़ा। एजूकेशनल मिनिस्टीरियल आफिसर्स एसोसिएशन के मंडलीय सचिव धीरेंद्र कुमार पाठक ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को ज्ञापन भेजकर पदोन्नति समेत कर्मचारियों की अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है।
ज्ञापन में कहा कि गत 11 फरवरी से 17 फरवरी तक मांगों के समाधान की मांग को लेकर ऊधमसिंह नगर में आमरण अनशन किया गया था। शिक्षा मंत्री के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त किया गया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने वरिष्ठ सहायक से प्रधान सहायक के पद पर पदोन्नति के लिए गोपनीय आख्या आमंत्रित करने, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से प्रधान सहायक की पदोन्नति इसी भर्ती वर्ग में निर्गत करने, पदोन्नति संशोधन प्रकरणों का निस्तारण करने, पदोन्नति, स्थानांतरण और समायोजन के लिए काउंसलिंग कराने की मांग की। इसके अलावा अभिलेखों का डिजिटाइजेशन ब्लाक स्तर पर कराने, सभी कार्मिकों को कोविड वैक्सीन लगाने की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (एसजीएचएस) की विसंगतियां भी दूर की जानी चाहिए। उत्तराखंड के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में इस योजना से आच्छादित करने के साथ ही दिल्ली सहित अन्य राज्यों में अच्छे अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिले।
कोरोना रोकथाम को क्षेत्र और जिला पंचायतों को बजट उपलब्ध कराने की मांग
रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए अब क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों को भी बजट उपलब्ध कराने की मांग उठने लगी है। क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिभुवन फर्त्याल ने बीडीओ के माध्यम से कुमाऊं आयुक्त को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर में शहर के साथ ही साथ ग्रामीण क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में और भी बुरा हाल है। रोकथाम के लिए अभी तक कोई भी ठोस योजना नहीं बन सकी है। यदि केंद्र और राज्य सरकारें क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों को बजट उपलब्ध कराएं तो काफी हद तक रोकथाम के कार्य हो सकेंगे। इस विकट चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र और जिला पंचायतों को केंद्र तथा राज्य वित्त से तत्काल संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से बजट आवंटित करने की संस्तुति मिलनी जरूरी है। यह बजट मानव जीवन को बचाने में काफी हद तक सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों के प्रस्ताव पर तुरंत बजट उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। नहीं तो पर्वतीय क्षेत्रों में स्थिति बेहद दयनीय हो जाएगी।