अल्मोड़ा। आखिरकार लंबे समय बाद बेस अस्पताल अल्मोड़ा को मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में हस्तांतरित कर दिया गया है। राज्यमंत्री रेखा आर्या के प्रयासों से मंगलवार को आदेश जारी हो गए हैं। बेस अस्पताल के हस्तांतरित होने से अब मेडिकल कॉलेज के अस्तित्व में आने की उम्मीद जग गई है। वहीं इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने की भी आस बन गई है।
अल्मोड़ा में 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के समय में मेडिकल कॉलेज की कल्पना की गई थी। घोषणा के बाद 2012 में मेडिकल कॉलेज बनाने का कार्य शुरू हुआ। करोड़ों की लागत से यहां इसके लिए वार्ड, लैब समेत तमाम भवन बन चुके हैं, लेकिन बेस अस्पताल लंबे समय तक मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित नहीं हो पाया था। इधर कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज के वार्ड में संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है। प्रभारी मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से भी बेस को मेडिकल कॉलेज में विलय करने का आग्रह किया था।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरजी नौटियाल ने बताया कि शासन से भी इस संबंध में लगातार मांग की जा रही थी। इधर मंगलवार को इसका आदेश जारी हो गया है। अब अल्मोड़ा बेस अस्पताल मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित कर दिया गया है। राज्य मंत्री ने आदेश जारी होने पर सीएम का आभार जताया। कहा कि इससे अब जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी। वहीं कोविड मरीजों को भी समय पर उपचार मिल सकेगा।
तीन शर्तों के साथ बेस अस्पताल हुआ हस्तांतरित
अल्मोड़ा। जारी आदेश के तहत बेस अस्पताल को तीन शर्तों के साथ मेडिकल कॉलेज को हस्तांतरित किया गया है। आदेश के अनुसार बेस अस्पताल का प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के पास रहेगा। एमसीआई के मानकों के अनुसार, अवशेष वांछित उपकरणों और औषधियों की व्यवस्था चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से की जाएगी। अस्पताल में कार्यरत स्टाफ के वेतन का भुगतान एक साल की अवधि तक वर्तमान व्यवस्था के तौर पर किया जाएगा। बाद में चिकित्सा शिक्षा विभाग इसकी पूरी जिम्मेदारी लेगा।