ग्राम प्रधानों ने एसआईटी जांच के खिलाफ ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए सामूहिक त्यागपत्र देने की चेतावनी दी है। इस मौके पर प्रधानों ने विकास प्राधिकरण का भी विरोध किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा गया।
विकास खंड के ग्राम प्रधान भी एसआईटी जांच के खिलाफ उतर आए हैं। प्रधानों ने इसके विरोध में सामूहिक त्यागपत्र की धमकी दी है। प्रधानों ने सांसद निधि, विधायक निधि और जिला पंचायत सहित सभी विभागों के कार्यों की भी एसआईटी जांच की मांग की है। प्रधानों ने सोशल ऑडिट सरकारी एजेंसी से कराने और पंचायती राज एक्ट लागू करने की मांग भी की है।
इस मौके पर प्रधानों ने विकास प्राधिकरण का विरोध करते हुए इसे आम गरीब जनता को परेशान करने वाला काला नियम बताया। प्रधानों का कहना था कि इससे परेशान लोग पहाड़ों से पलायन को मजबूर होने लगे हैं।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष मोहन सिंह, जीवन नेगी, धीरज तिवारी, शंकर बिष्ट, बालम सिंह नेगी, बसंती देवी, दयाल मेहरा, ज्यौत्सना कठायत, तारा नेगी, देवकी देवी, चंदन सिंह, मनोहर संगेला, हीरासिंह थापा, नवीन कुमयां, दानसिंह, दीपक हर्बोला, लालमणी सती, गजेंद्र सिंह, जगदीश लाल वर्मा, अजय कुमार, विजेंद्र कुमार आदि शामिल थे। इससे पहले हुई बैठक की अध्यक्षता मोहन सिंह ने और संचालन धीरज तिवारी ने किया।
बीडीसी बैठक न होने से रोष
प्रधानों ने क्षेत्र में लंबे समय से बीडीसी बैठक न होने पर भी रोष जताया है। प्रधानों द्वारा इस बारे डीएम को भेजे ज्ञापन में कहा कि 22 अप्रैल 2017 के बाद बीडीसी बैठक नहीं हो पाई है जिससे विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।