मोहन उप्रेती लोक संस्कृति कला और विज्ञान शोध समिति की ओर से रामलीला मैदान धारानौला में चल रहे सात दिनी रचना दिवस में शास्त्रीय संगीत की धूम रही।
पखावज जैसे लुप्त प्राय वाद्ययंत्र के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध परवावज वादक प्रो. लल्लू राम शुक्ल को समिति सम्मान 2017 से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 2017 का युवा प्रतिभा सम्मान कानपुर के आयुष द्विवेदी को दिया गया।
मुख्य अतिथि संगीतविद पंडित गिरीश चंद्र जोशी ने दोनों कलाकारों को प्रशस्त्रि पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने गिरीश चंद्र जोशी और ध्रुवतारा जोशी को महान साधक बताया।
उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा की इस प्रतिभा ने उस्ताद विलायत खां साहब को सितार की शिक्षा दी। कानपुर से पहुंचे आयुष ने राग बागेश्री में ध्रुपद, चतुरंग, शिवरंजीनी में गायन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इनके साथ परखावज पर प्रो. लल्लू राम शुक्ल, हारमोनियम पर निहाल बाराकोटी ने संगत दी। उत्तर प्रदेश चित्रकूट से पहुंचे लल्लू राम शुक्ल ने लुप्त प्राय वाद्य यंत्र के विषय में शास्त्रगत जानकारी दी। इनके साथ हारमोनियम पर पंडित विनोद कुमार द्विवेदी और आयुष द्विवेदी ने संगत दी।
ध्रुपदाचार्य पंडित विनोद कुमार द्विवेदी ने राग भैरवी में भजन राम नाम भज मना रे.. की प्रस्तुति दी। विश्वंभर जोशी ने संस्कृत और कुमाऊंनी में अपनी रचनाओं का काव्य पाठ किया। संचालन मीना पांडे ने किया।
अध्यक्ष हेमंत जोशी ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में डॉ. दीपा जोशी, नमित जोशी, कैलाश पांडे, भूपेंद्र नेगी, मनोज सनवाल, एलके पंत, उमाशंकर मैडी, राजू मनराल, पप्पू मनराल, चंद्रकला भट्ट, शशिमोहन पांडे, गोविंद, मीना पांडे, सृजन पांडे आदि मौजूद थे।