शराब के खिलाफ जुलूस निकालतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खीड़ा क्षेत्र में सरकारी अंग्रेजी और देसी शराब के खिलाफ ग्रामीणों में जारी रोष बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर आए दिन जुलूस प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं किसी भी हाल में मानने को तैयार नही हैं। महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि यदि खीड़ा क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने की कोशिश की गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
खीड़ा की जनता क्षेत्र में किसी भी हाल में सरकारी अंग्रेजी और देसी शराब का ठेका न खुलने देने को लेकर पूरी तरह से कमर कस चुकी है। महिलाओं ने बुधवार को फिर पालंगबाड़ी से वाया खीड़ा, पुनियांबगड़ भिचिलम तक जुलूस निकाला। इस दौरान महिलाएं एवं अन्य ग्रामीण नहीं खुलने देंगे क्षेत्र में शराब की दुकान, नहीं खुलने देंगे जैसे नारे लगा रही थीं। महिलाओं का कहना है कि शराब ने पहाड़ के लोगों विशेषकर महिलाओं का सुख-चैन छीना है।
शराब के कारण कई घर बर्बाद हो चुके हैं । महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकान खुलने से नई पीढ़ी को भी शराब की लत पड़ जाएगी। लिहाजा किसी भी हाल में दुकान नहीं खुलने देंगे।
जुलूस प्रदर्शन में जानकी देवी, हेमा, शांति, रेबुली, राधा, कमला, विमला, परूली, मनुली, गीता, सीमा, मोहनी, धनुली, मनुली, बचुली, परूली तथा देबुली देवी सहित तमाम महिलाएं शामिल हुईं।