नंदादेवी मेले में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम मची है। शनिवार को शहर में पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने सांस्कृतिक जुलूस निकाला। जुलूस में महिलाएं गीत गाते चल रही थी। शुक्रवार रात चंदवंशज केसी सिंह बाबा ने मंदिर में मां नंदा-सुनंदा की पूजा, अर्चना की। मंदिर परिसर में देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं।
भाजपा नेता पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सतपाल महाराज ने भी नंदादेवी महोत्सव देखा। चंदवंशज केसी सिंह बाबा ने शुक्रवार रात मंदिर में मां नंदा-सुनंदा की विशेष पूजा, अर्चना की। नवमी पर मंदिर में पूजा, अर्चना करने सैकड़ों लोग पहुंचे। दिन में ड्योड़ीपोखर स्थित राजा आनंद सिंह की मूर्ति पर चंदवंशज केसी सिंह बाबा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सतपाल महाराज, नागेश पंत, दिनेश पंत, अजय वर्मा, जीजीआईसी की प्रधानाचार्या सावित्री टम्टा आदि ने पुष्पांजलि अर्पित की। महोत्सव के तहत मल्ली बाजार मुरली मनोहर से विभिन्न क्षेत्रों से आए महिला दलों ने सांस्कृतिक जुलूस निकाला।
जुलूस में महिलाओं ने मां नंदा-सुनंदा की झांकी, पर्यावरण संरक्षण, मेले की झलक आदि पेश की। छोलिया नर्तक दलों ने आकर्षक कार्यक्रम पेश किए। जुलूस के नंदादेवी पहुंचने पर महिला सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। कुमाऊं रेजीमेंट की आर्केस्ट्रा टीम द्वारा दिन में नंदादेवी मेले में शानदार प्रस्तुत दी गई। रात को देवभूमि मां शारदे लोककला समिति के कलाकारों ने कुमाऊं के पारंपरिक लोकनृत्य छपेली, झोड़ा, चांचरी की प्रस्तुति दी।
कलाकारों ने चांचरी ओ बांजा झुपराली, छपेली पारै भीड़ै की बसंती छोरी, स्व. गोपाल बाबू गोस्वामी के पुत्र अमित गोस्वामी ने कैले बाजै मुरुली, हाय तेरी रुमाला आदि गीत गाए। लोक कलाकार गोपाल सिंह चम्याल ने सब घस्यारियों में म्येरी मीणा घस्यारी, काली गंगा को ठंडा पानी गीत गाए। रविवार 11 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा का डोला निकलेगा।