दूनागिरि मंदिर ट्रस्ट बोर्ड की यहां कोणार्क होटल में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बिना वैधानिक कारणों के कुछ लोगों ने अपना हित साधने के लिए द्वाराहाट के दूनागिरि मंदिर में माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। जबकि प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में प्रबंध कारिणी पर लगाए गए सभी आरोप निराधार पाए गए। बैठक में व्यापक विचार विमर्श के बाद प्रबंध कारिणी को भंग कर दिया गया।
बैठक में कहा गया कि प्रबंध कारिणी से निष्कासित सचिव जगदीश उपाध्याय और वरिष्ठ लिपिक शिव सिंह रौतेला द्वारा अनर्गल आरोप लगाने वाले लोगों को सहयोग दिया गया। इस बात पर खुशी जताई गई कि आरोपों को लेकर जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच कमेटी ने आरोपों को आधारहीन पाया। जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक कर दी गई है।
इन सब प्रकरणों पर व्यापक विचार विमर्श के बाद प्रबंध कारिणी ने एकमत होकर समिति को भंग करके नई कार्यकारिणी गठित की। कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में संरक्षक और न्यासी मोहन सिंह रौतेला, अध्यक्ष केएस रौतेला, न्यासी डॉ. एनसी मुनगली, रोहित रौतेला, कर्नल पीएस रौतेला, उम्मेद सिंह मनराल, सचिव महेंद्र सिंह रौतेला मौजूद थे।