सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चनौदा-सैजारी सड़क का निर्माण नहीं होने से गुस्साए ग्राम पंचायत भेटाबड़सीला, सैजारी, धरलखोला, तीताकोट के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। प्राथमिक स्कूल भेटाबड़सीला बूथ पर ग्रामीणों ने स्वयं पहरेदारी भी की। बूथ में ईवीएम मशीन पर किसी भी ग्रामीण ने वोट नहीं डाला।
पांच किमी लंबी चनौदा-सैजारी सड़क 2006 में स्वीकृत हुई थी। इस सड़क से भेटाबड़सीला, सैजारी, धरलखोला, तीताकोट गांव को लाभान्वित किया जाना था। ग्रामीण जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और शासन को कई बार सड़क निर्माण की मांग से अवगत करा चुके हैं। ग्रामीणों ने पूर्व में ही चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था। इन गांवों का पोलिंग बूथ प्राथमिक स्कूल भेटाबड़सीला में था। ऐलान के बाद किसी भी ग्रामीण ने वोट नहीं डाला। रोड नहीं तो वोट नहीं को लेकर ग्रामीणों ने पोलिंग बूथ के बाहर भी पहरेदारी की, ताकि कोई भी ग्रामीण वोट नहीं कर सके। तीताकोट गांव के कुछ लोगों के नाम पोलिंग बूथ वृषभेश्वर में भी थे, इस बूथ पर भी तीताकोट गांव के ग्रामीणों ने वोट नहीं डाले।
भेटाबड़सीला के ग्राम प्रधान आनंद राम का कहना है कि सड़क करीब एक दशक पहले स्वीकृत हुई थी पर सरकार और जनप्रतिनिधि पांच किमी लंबी इस सड़क को अब तक नहीं बना सके हैं। इधर भेटाबड़सीला बूथ के पीठासीन अधिकारी गुलजार हुसान ने बताया कि बूथ में किसी भी ग्रामीण ने मतदान नहीं किया।