अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री हरीश रावत बृहस्पतिवार को अल्मोड़ा आ रहे हैं। उनके अल्मोड़ा कार्यक्रम को लेकर लोगों में कई उम्मीदें हैं। अल्मोड़ा में कई विकास कार्यों में पिछले काफी समय से गति नहीं आ रही है। यह माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अल्मोड़ा से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा करके तुरंत बजट की व्यवस्था करेंगे ताकि कार्य तेजी से आगे बढ़ सकें।
अल्मोड़ा में करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से उदय शंकर राष्ट्रीय नाट्य अकादमी का निर्माण कई माह पहले बन चुका है। अक्तूबर 2015 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुड़ाबांज में आयोजित महोत्सव में इस संस्थान का लोकार्पण किया, लेकिन यह संस्थान सूना पड़ा है। अकादमी में कोई गतिविधि शुरू नहीं हो सकी है। 2015 में सरकार ने गुरुड़ाबांज में 100 करोड़ की लागत से मुंशी हरी प्रसाद टम्टा शिल्पोन्नयन संस्थान की स्थापना की घोषणा की थी।
इस संस्थान के लिए अवमुक्त मात्र 50 लाख से चहारदीवारी का निर्माण भी पूरा नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने करीब एक साल पहले अल्मोड़ा नगर में धर्मशाला निर्माण को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन पालिका को एक भी धेला नहीं मिला है। अल्मोड़ा में आवासीय विश्वविद्यालय की स्थापना सीएम रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। कोर्ट के आदेश से फ्लोर टेस्ट में बहुमत साबित हो जाने के बाद कैबिनेट की बैठक में आवासीय विवि का प्रस्ताव फिर शामिल हो गया है, लेकिन इसके लिए बजट की स्थिति साफ नहीं हुई है।
नगर की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लोअर माल रोड-सिकुड़ाबैंड टनल प्रस्तावित है पर बजट नहीं मिला है। अल्मोड़ा में मानक के अनुरूप कोई खेल मैदान नहीं है। जनप्रतिनिधि और खेल प्रेमी डीनापानी में राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन यह प्रस्ताव भी आगे नहीं बढ़ सका है। अल्मोड़ा स्थित चाय विकास बोर्ड का निदेशालय सालों से किराए के भवन में चल रहा है। विभाग द्वारा भवन निर्माण को भूमि की मांग को लेकर शासन को कई बार भेजे गए प्रस्ताव में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों को सीएम के आने से दर्जनों विकास कार्यों के चुनाव से पहले पूरा होने और निर्माण शुरूहोने की उम्मीद बंधी है।