द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। जटिल प्रसव बताकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वाराहाट से एक गर्भवती को हायर सेंटर रेफर कर दिया। रास्ते में महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और एंबुलेंस में ही महिला की सामान्य डिवीवरी हुई। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। महिला की यह दूसरी डिलीवरी थी।
सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही अकसर सामने आती रहती है। ऐसा ही मामला एक बार फिर सामने आया है, जहां सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने गर्भवती महिला की डिलीवरी यहां करवाने की बजाय उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। नतीजा यह हुआ कि हायर सेंटर जाते वक्त रास्ते में ही महिला की नार्मल डिलीवरी हो गई। दरअसल द्वाराहाट विकासखंड के अंतर्गत छतगुल्ला निवासी कमलेश जोशी की पत्नी प्रभा देवी (26) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वाराहाट पहुंचे। डॉक्टर ने जटिल प्रसव बता कर उसे हायर सेंटर रानीखेत को रेफर कर दिया। डॉक्टर की ओर से जटिल प्रसव बताए जाने से परिजन घबरा गए।
परिजनों ने 12:45 बजे 108 एंबुलेंस को कॉल किया। द्वाराहाट से 10 किमी आगे कफड़ा में महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। इस पर एंबुलेंस को सड़क पर रोककर ईएमटी जीवन भंडारी और चालक महेंद्र आर्या ने महिला का सामान्य प्रसव कराया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने मामले को गंभीर बताकर उन्हें डरा दिया और हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा था और हायर सेंटर जाना मजबूरी हो गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने जिसे जटिल बताकर रेफर कर दिया वहीं 108 आपातकालीन सेवा में उसका सामान्य प्रसव हुआ। महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। कपड़ा से वाहन को वापस लेकर महिला और नवजात को सीएचसी द्वाराहाट में भर्ती कराया गया है।
यहां महिलाओं, प्रसूताओं की जिंदगी दांव पर
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र द्वाराहाट में लंबे समय से महिला रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। प्रसव कराने आने वाली महिलाओं की जिंदगी यहां दांव पर लग जाती है। डिलीवरी और गंभीर रोगों के उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। महिला मरीजों को 35 किमी दूर रानीखेत और 65 किमी दूर अल्मोड़ा जाना पड़ता है। कई बार मामला गंभीर होने पर कई मरीजों की रास्ते में ही मौत हो जाती है।
द्वाराहाट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ का एक पद सृजित है, लेकिन इसमें तैनाती ही नहीं हुई। स्थिति यह है कि रिक्त पद के सापेक्ष बांड पर भी महिला रोग विशेषज्ञ की नियुक्त नहीं हुई है। ऐसे में दूनागिरी, बिंता, गगास, जालली, कफड़ा, बग्वालीपोखर, सिमल गांव, सुरई सहित कई दूरस्थ क्षेत्रों से उपचार और प्रसव को आने वाली महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। खास कर तब जब मामला डिलीवरी का हो। दूरस्थ गांवों से लंबी दूरी तय कर तीमारदार महिलाओं को सुरक्षित प्रसव कराने के लिए सीएचसी द्वाराहाट ले आते हैं लेकिन यहां महिला रोग विशेषज्ञ न होने और संसाधनों की कमी बताकर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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वार्ड ब्वाय के स्वीकृत पद हैं पांच, तैनात है मात्र एक
द्वाराहाट। वार्ड ब्वाय की कमी से रोगी के कमरे की सफाई और व्यवस्था करने मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने आदि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वार्ड ब्वाय के पांच पद स्वीकृत हैं, लेकिन चार पद लंबे समय से रिक्त हैं। इससे मरीजों की तीमारदारी में दिक्कतें आ रही हैं।
प्रसव वाले मामले की जानकारी ली जा रही है। महिला रोग विशेषज्ञ के रिक्त पद के बारे में विभाग के माध्यम से निदेशालय को पत्राचार किया गया है।
डाॅ. रवि शंकर सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वाराहाट।