पीपीपी मोड में संचालित राजकीय अस्पताल में सोमवार को भी डॉक्टर हड़ताल पर रहे। समय पर वेतन न मिलने से गुस्साए शील नर्सिंग होम बरेली की ओर से तैनात किए गए चिकित्सक शनिवार से कार्य बहिष्कार पर रहें। इस दौरान चिकित्साधीक्षक डा.मंजीत सिंह के नेतृत्व में डा.आरके गुप्ता, डा.जितेंद्र जोशी तथा डा.नरियाल ने रोगियों का उपचार किया।
हड़ताली चिकित्सकों का कहना है कि उन्हें हर माह की 15 तारीख तक वेतन उपलब्ध कराने की लिखित गारंटी दी जाए। इधर शील प्रबंधन के निदेशक मनीष वैष्णव से हुई वार्ता का हवाला देते हुए यूनिट हैड डा.रवि सिन्हा का कहना है कि सरकार से बिलों का विलंब से भुगतान होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
उन्होंने भुगतान मिलने के दूसरे दिन ही वेतन उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है। उधर पैरा मेडिकल स्टाफ का कहना है कि एक तरफ बहुत कम मानदेय देकर शोषण किया जा रहा है, उस पर भी समय से मानदेय नहीं मिल पाता है। पिछले दो साल के दौरान मानदेय में कोई इजाफा नहीं किया गया। इस मुद्दे को लेकर भी कर्मचारी नाराज हैं। हड़ताली डाक्टरों का कहना है कि जब तक उन्हें लिखित गारंटी तथा वेतन का भुगतान नहीं होता है तब तक उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
हड़ताल से निपटने को प्रभावी कदम उठाए
सीएमओ डा.विनोद टोलिया के अनुसार उन्होंने डाक्टरों की हड़ताल को लेकर प्रबंधन और स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजा है। उनका कहना है कि लोगों को बेहतर सेवा देने के लिए ही अस्पताल को पीपीपी मोड में दिया गया है, लेकिन यहां बार-बार हड़ताल से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया हड़ताल से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं तथा लोगों को पूरी राहत दी जा रही है।