कुमाऊं परिक्षेत्र के डीआईजी पीएस सैलाल ने कहा है कि अल्मोड़ा जेल में बंद पीपी को कुमाऊं से बाहर किसी अन्य जेल में भेजने के लिए आईजी जेल से वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के विभिन्न इलाकों में वाहन चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में लिप्त आरोपियों के नेपाल भागने पर रोक के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय से काम करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के विभिन्न जिलों में होने वाली आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बाहर से आने वाले लोगों और वाहनों का नियमित सत्यापन किया जाना जरूरी है। इस बारे में सभी पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं।
बृहस्पतिवार को यहां एसएसपी ऑफिस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए डीआईजी सैलाल ने कहा कि कानून व्यवस्था की दृष्टि से कुख्यात अपराधी पीपी को अल्मोड़ा की जेल में रखना उचित नहीं रहेगा। इस बारे में अल्मोड़ा के डीएम और एसएसपी ने भी उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे हैं।
डीआईजी ने कहा कि वह भी आईजी जेल से वार्ता करके पीपी को कुमाऊं से बाहर किसी अन्य जेल में शिफ्ट करने का आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि कुमाऊं में कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक है। डीआईजी ने यह स्वीकार किया कि कुमाऊं के विभिन्न इलाकों में वाहन चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में लिप्त आरोपियों के नेपाल भागने की आशंकाएं बनी रहती हैं। इस पर अंकुश के लिए एसएसबी सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय से काम करने पर जोर दिया जाएगा।
डीआईजी ने कहा कि यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने और हेलमेट नहीं पहनने वालों पर कार्रवाई के लिए हल्द्वानी की तर्ज पर अल्मोड़ा में सीपीयू तैनात करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन एसएसपी इसके लिए अपने स्तर पर कोई दस्ता गठित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहाड़ में राजस्व पुलिस क्षेत्रों में अपराध बढ़ रहे हैं और इन मामलों में समय-समय पर रेगुलर पुलिस द्वारा राजस्व पुलिस की मदद की जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन राजस्व पुलिस क्षेत्रों में अधिक अपराध हो रहे हैं, उसे रेगुलर पुलिस क्षेत्र में शामिल कर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि हाल में खुले थाने और चौकियों में कर्मचारियों की तैनाती के लिए पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजे गए हैं। इस मौके पर एसएसपी केएस नगन्याल, सीओ एएस रावत, इंस्पेक्टर संजय गर्ब्याल आदि मौजूद थे।
कुंभ ड्यूटी से लौटे सभी जिलों के पुलिस कर्मी
अल्मोड़ा। डीआईजी पीएस सैलाल ने बताया कि कुंभ ड्यूटी में तैनात सभी जवान और अन्य अधिकारी अपने जिलों में लौट आए हैं तथा अब पुलिस कर्मियों की कमी खत्म हो गई है। सैकड़ों पुलिस कर्मियों के हरिद्वार में कुंभ ड्यूटी में रहने से बीते दिनों कई बार शांति व्यवस्था बनाने में दिक्कत हो रही थी। डीआईजी ने कहा कि अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई है।