सुपई बैंड में बिजली लाइन ठीक करते विद्युत कर्मी।
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अल्मोड़ा/धौलछीना। बृहस्पतिवार शाम आए तेज अंधड़ और बारिश से जिले में कई स्थानों पर बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा है। भैंसियाछाना, धौलादेवी, हवालबाग विकासखंड के करीब 120 से अधिक गांवों के लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। शुक्रवार सुबह से बिजली कर्मचारी लाइनों के सुधारीकरण के कार्य में लगे हैं। अंधड़ से यूपीसीएल को करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अंधड़ से नगर क्षेत्र में भी बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचा है। केबल बॉक्सों समेत पोलों से घरों को जोड़ने वाली लाइनों में खराबी आई थी। जिसे सुधारने के लिए दिनभर विद्युत कर्मी रुक-रुककर शटडाउन लेते रहे। सरसों गांव में भी लाइनों को क्षति पहुंची है।
बृहस्पतिवार शाम तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। कुछ गांवों में ओले भी गिरे। आंधी तूफान से अल्मोड़ा नगर में भी करीब एक घंटे बिजली गुल रही। बाड़ेछीना पेट्रोल पंप के पास, सुपई बैंड, पल्यूं बैंड, कलोन, कांचुला पुल आदि स्थानों पर बिजली लाइन पर चीड़ के बड़े पेड़ गिर गए। इससे भैंसियाछाना विकासखंड के 52 गांवों में बृहस्पतिवार रात सात बजे से बिजली आपूर्ति बाधित है। हवालबाग विकासखंड के शीतलाखेत, चितई में भी लाइनों में पेड़ गिरने से तार टूटे हैं। आसपास के दर्जनभर गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। भैंसियाछाना के जेई ब्रज ललित मोहन डालाकोटी ने बताया कि शुक्रवार सुबह बिजली कर्मियों ने टूटे बिजली के तारों को ठीक किया। धौलादेवी विकासखंड में खेती, खसपड़ आदि स्थानों पर पेड़ गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हैं। इस ब्लॉक में जागेश्वर और खेती फीडर से जड़े करीब 60 गांव अंधेरे में हैं। धौलादेवी के जेई सुरेश कांडपाल ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों को ठीक करने का कार्य प्रगति पर है।
पेड़ गिरने से पांच घंटे बाधित रहा अल्मोड़ा-सेराघाट मार्ग
धौलछीना (अल्मोड़ा)। तेज अंधड़ चलने से अल्मोड़ा-सेराघाट मार्ग में कांचुला पुल के पास शाम सात बजे चीड़ का विशाल पेड़ गिर गया। इससे यह मार्ग अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने पेड़ काटकर मार्ग से हटाया। ग्रामीणों की पांच घंटे की मेहनत के बाद रात करीब 12 बजे अवरुद्ध मार्ग को खोला जा सका।