अल्मोड़ा। अल्मोड़ा नगर के पोखरखाली उपडाकघर में फरवरी 2015 में उजागर चर्चित घोटाले में 54 लाख रुपये के गोलमाल की पुष्टि हो चुकी है। डाक विभाग ने घोटाले की यह राशि पोखरखाली उपडाकघर की एक महिला कर्मचारी से वसूलने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में पोखरखाली उप डाकघर और मुख्य डाकघर अल्मोड़ा में तैनात 20 कर्मचारियों से करीब 24 लाख रुपये वसूलने के आदेश हो चुके हैं। अभी कई और पासबुकों की जांच होनी बांकी है। गबन की राशि काफी अधिक हो सकती है और डाक विभाग इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की संस्तुति कर चुका है।
पोखरखाली में स्थित उप डाकघर में ग्राहकों के जमा खातों में जमा राशि को लेकर फरवरी 2015 में घोटाला सामने आया। जब कुछ ग्राहकों को पता लगा कि उनके द्वारा जमा की गई धनराशि पास बुक में तो दर्ज है लेकिन उपडाकघर में उनके खातों में दर्ज नहीं की गई है तो उनके होश उड़ गए। मामला उजागर होने के बाद सैकड़ों ग्राहकों ने डाक विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद डाक अधीक्षक ने निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की चार सदस्यीय जांच टीम गठित की थी।
इस मामले में उप डाकघर में तैनात ग्रामीण डाक सेवक देवकी तिवारी के खिलाफ पुलिस में एफआइआर दर्ज है और विभागीय जांच के साथ पुलिस भी मामले की जांच चल रही है। सूत्रों के मुताबिक 109 ग्राहकों की पासबुकों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है और इन खातों में करीब 54 लाख रुपये का घोटाला हुआ है। अल्मोड़ा के डाक अधीक्षक एसके कंडवाल ने बताया कि यह धनराशि इस मामले में दोषी देवकी देवी से रिकवरी के लिए डीएम को पत्र लिखा गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में पोखरखाली उपडाकघर सहित मुख्य डाकघर के कुल 20 कर्मचारियों के खिलाफ भी चार्जशीट हुई है और घोटाले की राशि में से इन कर्मचारियों से करीब 24 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। इनमें कुछ कर्मचारियों पर तो एक लाख से 1.80 लाख रुपये तक की वसूली के आदेश हुए हैं। डाक अधीक्षक ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और अभी कई अन्य खातों की पड़ताल बांकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डाक विभाग इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने के लिए दो बार सीबीआई के एसपी को पत्र भेजा गया है। सीबीआई का कहना है कि इस मामले में पुलिस में पहले ही एफआईआर हो चुकी है। डाक अधीक्षक कंडवाल का कहना है कि डीजीसी से राय लेकर एक बार फिर से सीबीआई से संपर्क किया जाएगा।
अल्मोड़ा। डाक अधीक्षक एसके कंडवाल ने बताया कि जांच के बाद जिन ग्राहकों के खातों में गड़बड़ी की पुष्टि हो चुकी है, डाक विभाग ने उनको भुगतान देना शुरू कर दिया है। 40 से अधिक लोगों को करीब 13 से 14 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने बताया कि जांच में पुष्टि के बाद घोटाले के शिकार सभी ग्राहकों को डाक विभाग भुगतान करेगा। दोषियों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई भी चलती रहेगी।