अल्मोड़ा। पहाड़ से पलायन रोकने के लिए द हंस फॉउंडेशन ने हवालबाग ब्लाॅक के बितोंला, वालसा, मनांऊ, पठूरा आदि गांवो में ढींगरी मशरूम उद्योग खोला गया है। इनका मुख्य उद्देश्य लोगों को रोजगार से जोड़ने का है। उत्पादन के बाद मशरूम को बाजार में बेचा जा रहा है।
द हंस फॉउंडेशन के परियोजना प्रबंधक दिलीप कुलेजी ने बताया कि हवालबाग ब्लाॅक के चार गांवों में हंस आजीविका परियोजना के तहत काश्तकारों को मशरूम उद्योग से जोड़ा गया है। इसमें 32 लाभार्थियों के लिए 32 यूनिट स्थापित किए गए हैं। ढींगरी मशरूम 150 रुपये प्रतिकिलो स्थानीय क्षेत्र एवं बाजार में बेचा जा रहा हैं।