अल्मोड़ा। राज्य सरकार ने प्रदेशभर के जर्जर स्कूल भवनों का कायाकल्प करने के लिए नए सिरे से पहल की है। शिक्षा निदेशालय की ओर से भेजे गए निर्देशों के अनुसार स्कूली भवनों का चार श्रेणियों में बांट कर उनका कायाकल्प किया जाएगा। सीडीओ आकांक्षा कोंडे ने जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ सोमवार को बैठक कर इस योजना को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। जिले के सभी ब्लॉकों में स्थित स्कूली भवनों का श्रेणीवार चिह्नित कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
सीडीओ ने बताया कि शासन की ओर से सभी स्कूलों के भवनों को बेहतर बनाने की योजना बनाई गई है। चार श्रेणियों क्रमश: ए, बी, सी और डी में स्कूली भवनों को रखा गया है। ए श्रेणी में सबसे बेहतर स्थिति वाले स्कूलों को रखा जाएगा। कम खराब स्थिति वाले स्कूल बी, उनसे ज्यादा खराब बाले सी और पूरी तरह जर्जर हालत वाले स्कूलों को डी श्रेणी में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को पहली बैठक लेकर प्रारंभिक समीक्षा की गई।
सभी बीईओ को 15 दिनों में अपने-अपने ब्लॉक के स्कूल भवनों की जानकारी देने को कहा गया है। इसके बाद आगणन बनाकर स्कूल भवनों की मरम्मत और नवनिर्माण की प्रक्रिया आवश्यकतानुसार शुरू की जाएगी। डीईओ माध्यमिक चंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि सर्वे का कार्य मंगलवार से शुरू कर दिया जाएगा।
46 भवनों के सुधार का कई बार भेजा गया प्रस्ताव
जिले में करीब 46 स्कूलों के भवन ऐसे है जिनमें से सुधार के लिए प्रस्ताव तो कई बार भेजे गए लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई। डीईओ माध्यमिक चंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि अब जल्दी ही सभी भवनों का कायाकल्प किया जाएगा।