अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और श्री अनामय न्यास कौसानी के बीच आध्यात्मिक और वैदिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
इससे छात्र-छात्राओं को उत्तराखंड के प्राचीन वैदिक और आध्यात्मिक ज्ञान को करीब से जानने का मौका मिलेगा। इसके अलावा इससे विवि में शोध कार्यों को गति मिलेगी।
बृहस्पतिवार को एसएसजे विश्वविद्यालय और श्री अनामय न्यास के बीच विवि के छात्र- छात्राओं को वैदिक परंपरा, वैदिक ज्ञान का प्रशिक्षण देने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
एमओयू पर विवि के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट और श्री अनामय न्यास के निदेशक आशुतोष उर्स स्ट्रॉबेल ने हस्ताक्षर किए। कुलपति प्रो. बिष्ट ने कहा कि इस समझौते के बाद विवि में वैदिक विज्ञान पर आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
इससे जहां देश-विदेश के विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। छात्र-छात्राओं को आध्यात्मिक और वैदिक ज्ञान के विशेषज्ञ प्रशिक्षण देंगे। वहीं विवि में ज्योतिष, वास्तुशास्त्र,ध्यान, एकाग्रता आदि विषयों में कार्यशाला और व्याख्यान आयोजित होंगे।
इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। कहा कि उत्तराखंड के प्राचीन वैदिक और आध्यात्मिक ज्ञान को वैश्विक मंच पर ले जाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित होगा। वहां डॉ. ललित चंद्र जोशी, वैयक्तिक सहायक विपिन चंद्र जोशी, गोविंद मेर, तरविंदर सिंह, दरपान सिंह मेहता आदि मौजूद रहे।