अल्मोड़ा। इस फायर सीजन वन विभाग की आरक्षित वन भूमि में आग की एक भी घटना नहीं होने और समय पर मानदेय का भुगतान होने से फायर वॉचरों को राहत पहुंची है। अब तक बजट जारी होने पर उनके मानदेय का भुगतान अप्रैल महीने के अंत तक होता था। ऐसे में जंगलों को वनाग्नि से सुरक्षित रखने के लिए तैनात फायर वाचरों के परिवार का भरण-पोषण करना चुनौती बना हुआ था।
वन विभाग में 15 फरवरी से 15 जून तक फायर सीजन होता है। अल्मोड़ा में इन फायर सीजन 400 फायर वाचरों पर जंगलों को आग से बचाने की जिम्मेदारी है। इस सीजन पहले बारिश और फिर समय पर मानदेय का भुगतान होने से उन्हें काफी राहत पहुंची है। वन विभाग की पहल पर फायर वॉचर के मानदेय का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसके बाद शासन से विभाग को 16 लाख 82 हजार का बजट अवमुक्त हुआ। इससे 170 फायर वॉचर के एक माह का भुगतान हुआ। अब भी 230 को मानदेय नहीं मिला है। वन विभाग के मुताबिक अप्रैल महीने के पहले सप्ताह तक बजट जारी होने की उम्मीद है इससे छूटे फायर वॉचरों को भुगतान किया जाएगा।
बीते वर्ष जिले में वनाग्नि की 163 घटनाएं हुईं
अल्मोड़ा। वर्ष 2024 के फायर सीजन में जिले में आग की 163 घटनाएं हुईं। इससे 296.3 हेक्टेयर जंगल आग की भेंट चढ़ गया था। विभाग को 8.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इस फायर सीजन शुरू होने के एक महीने बाद भी फिलहाल अब तक आग की कोई घटना विभाग में दर्ज नहीं है।
- 170 फायर वॉचरों को 15 फरवरी से 15 मार्च तक के मानदेय का भुगतान कर दिया है। शासन से बजट जारी होते ही प्राथमिकता के साथ छूटे फायर वॉचरों के मानदेय का भुगतान होगा।
कोट - दीपक सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा।